नगर निगम वाराणसी द्वारा शहर के लगभग 75 पोखरों एवं पार्कों का सुंदरीकरण कराया गया है, जिनमें आदित्य नगर पोखरा भी शामिल है। कभी गंदगी और उपेक्षा का शिकार रहा यह पोखरा सुंदरीकरण के बाद कुछ समय तक क्षेत्रवासियों के लिए सुकून और राहत का केंद्र बना रहा। सुबह-शाम यहां लोग परिवार सहित टहलने, योग, व्यायाम और सामाजिक गतिविधियों के लिए आने लगे थे।लेकिन प्रशासनिक लापरवाही और निगरानी के अभाव में अब यह सुंदर पोखरा अराजक तत्वों का अड्डा बनता जा रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि यहां खुलेआम शराब और गांजा सेवन हो रहा है, जिससे माहौल असुरक्षित हो गया है। हालात यह हैं कि महिलाएं और बच्चियां यहां आने से डरने लगी हैं।
इस संबंध में मनु शर्मा ने बताया कि पोखरा और पार्क परिसर में शराब पीकर गाली-गलौज करना और गांजा पीकर उत्पात मचाना आम बात हो गई है। न तो यहां कोई सुरक्षा व्यवस्था है और न ही नियमित सफाई। नगर निगम की सफाई व्यवस्था केवल औपचारिक बनकर रह गई है, कर्मचारी आते हैं और उपस्थिति दर्ज कर चले जाते हैं।मनु शर्मा ने बताया कि वे पिछले एक वर्ष से अपने बेटे की प्रैक्टिस के कारण यहां आती रही हैं, लेकिन दिन-ब-दिन बिगड़ती स्थिति के कारण अब परिवारों का यहां आना कम होता जा रहा है। खुलेआम मछली पकड़ना, शराब और गांजा सेवन सामान्य हो चुका है। विरोध करने पर असामाजिक तत्व झगड़े पर उतारू हो जाते हैं।
सबसे गंभीर स्थिति पुलिस गश्त की कमी को लेकर है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पुलिस की नियमित गश्त न होने से नशेड़ियों का मनोबल बढ़ा हुआ है। पार्क के गेट, दीवारें और अन्य संरचनाएं लगातार क्षतिग्रस्त हो रही हैं, लेकिन न नगर निगम और न ही पुलिस प्रशासन इस ओर ध्यान दे रहा है।क्षेत्रवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि पोखरा और पार्क क्षेत्र में विशेषकर रात्रि में नियमित पुलिस गश्त सुनिश्चित की जाए, स्थायी सुरक्षा, सफाई और निगरानी की प्रभावी व्यवस्था बनाई जाए तथा नशेड़ियों और असामाजिक तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि यह स्थान महिलाओं, बच्चियों और बच्चों के लिए सुरक्षित बन सके।


