मणिकर्णिका घाट तीर्थ पर महारानी अहिल्याबाई होल्कर द्वारा स्थापित प्रतिमा को नगर निगम द्वारा बिना पूर्व सूचना जेसीबी मशीन लगाकर तोड़े जाने का मामला सामने आया है। इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में आक्रोश फैल गया।घटना की जानकारी मिलते ही महारानी अहिल्याबाई होल्कर के वंशज माने जाने वाले पाल समाज, स्थानीय लोग, पुरोहित एवं नाभिक समाज के लोग विरोध दर्ज कराने मौके पर पहुंचे।
आरोप है कि जब लोगों ने प्रतिमा तोड़े जाने का विरोध करते हुए धरना-प्रदर्शन करना चाहा तो तत्काल प्रभाव से पुलिस बल तैनात कर प्रदर्शन को रोक दिया गया।स्थानीय लोगों का कहना है कि यह एक पौराणिक एवं ऐतिहासिक धरोहर थी, जिसे बिना किसी नोटिस और जनसुनवाई के नष्ट कर दिया गया। उन्होंने सवाल उठाया कि लोकतांत्रिक देश में आम नागरिकों को अपनी बात रखने का अधिकार भी नहीं दिया जा रहा है।
प्रतिमा तोड़े जाने से आहत पाल समाज, पुरोहित, नाभिक एवं स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि यथास्थिति में महारानी अहिल्याबाई होल्कर की प्रतिमा को पुनः स्थापित किया जाए और इस मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदारों पर कार्रवाई की जाए।इस विरोध में प्रमुख रूप से पाल सभा के अध्यक्ष महेंद्र पाल, नीरज पाल, संजय पाल, बलराम दुबे सहित बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित रहे।

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