भारत हिन्दू परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष महेन्द्र मिश्रा ने पराड़कर भवन, मैदागिन में आयोजित प्रेसवार्ता में सरकार की कार्यप्रणाली और बनारस के विकास को लेकर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि काशी जैसे धार्मिक और सांस्कृतिक शहर का विकास सुनियोजित ढंग से नहीं हो पा रहा है, जिससे आम जनता को लगातार परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।राष्ट्रीय अध्यक्ष ने दशाश्वमेध घाट का मुद्दा उठाते हुए कहा कि घाट पर नाविक मनमाने तरीके से नाव लगाकर रखते हैं और आम जनता से झगड़ा करते हैं। इसके लिए सरकार को नाव लगाने की क्रमबद्ध (नंबर सिस्टम) व्यवस्था करनी चाहिए और घाट का समुचित विकास कराना चाहिए।
उन्होंने महामृत्युंजय मंदिर के सामने की गली को चौड़ा करने की मांग करते हुए कहा कि इसके लिए अवरोध बन रही दुकानों को हटाकर उन्हें वैकल्पिक स्थान पर विस्थापित किया जाए। साथ ही संकटमोचन मंदिर की तरह अन्य प्रमुख मंदिरों को भी सरकार के अधीन लेकर उनका समुचित विकास कराया जाए। महेन्द्र मिश्रा ने विश्वनाथ मंदिर के चारों ओर 1000-1000 मीटर क्षेत्र को अतिक्रमण मुक्त करने, लोहटिया से विश्वनाथ तक सड़क को दोनों ओर से 15-15 फीट चौड़ा करने और अनाधिकृत निर्माण करने वालों के साथ-साथ संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों पर भी कड़ी कार्रवाई की मांग की।प्रेसवार्ता में उन्होंने प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि संसद में आम नागरिकों को एक दिन अपनी समस्याएं सीधे रखने का अधिकार दिया जाना चाहिए और यह प्रक्रिया लाइव हो। उन्होंने आईपीएस सिस्टम को समाप्त करने और पुलिस को आईएएस के अधीन रखने की मांग की। साथ ही पूरे देश में एक ही पहचान पत्र लागू करने की बात कही, ताकि विभिन्न पहचान पत्रों की आवश्यकता न पड़े।
भारत हिन्दू परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने महिला आयोग, मानवाधिकार आयोग, अनुसूचित जनजाति आयोग और अल्पसंख्यक आयोग को भंग करने की मांग करते हुए कहा कि ये संस्थाएं आम जनता की अपेक्षाओं पर खरी नहीं उतर पा रही हैं। उन्होंने चुनाव आयोग, जनसुनवाई पोर्टल और पुलिस की शॉर्ट सर्विस व्यवस्था पर भी सवाल उठाए और कहा कि अच्छा कार्य करने वाले पुलिसकर्मियों को रखा जाए, जबकि कार्य में लापरवाही बरतने वालों को हटाया जाए।महिलाओं से जुड़े कानूनों को और सख्त करने की मांग करते हुए उन्होंने कहा कि महिला शिकायतों पर सही तरीके से कार्रवाई नहीं होती और उनसे सबूत मांगे जाते हैं, जो अनुचित है। प्रयागराज में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के साथ हुई कथित घृणित कार्रवाई की भारत हिन्दू परिषद ने कड़ी निंदा की।इसके अलावा उन्होंने कहा कि वीवीआईपी व्यक्तियों का बनारस आगमन प्रातः 3 बजे से 5 बजे के बीच कराया जाए, ताकि आम जनमानस को असुविधा न हो।प्रेसवार्ता के अंत में महेन्द्र मिश्रा ने कहा कि भारत हिन्दू परिषद काशी और देश के हित में अपनी आवाज निरंतर उठाती रहेगी।

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