प्रसिद्ध गायक एवं पद्मश्री सम्मानित कुमार सानू संत प्रेमानंद महाराज से मिलने वृंदावन के केलीकुंज आश्रम पहुंचे। आश्रम पहुंचते ही उन्होंने महाराज के चरणों में नमन कर दर्शन किए और आशीर्वाद लिया। कुमार सानू ने कहा कि वह महाराज जी के दर्शन करने और उनका आशीर्वाद प्राप्त करने आए हैं।इस दौरान कुमार सानू ने संत प्रेमानंद महाराज के समक्ष अपना प्रसिद्ध गीत “तुम देना साथ मेरा…” भी गाया, जिसे सुनकर आश्रम परिसर भावविभोर हो उठा। गीत सुनने के बाद संत प्रेमानंद महाराज ने कहा कि सांस अनमोल है, इसलिए जीवन में निरंतर भगवान के नाम का स्मरण करते रहना चाहिए।
जब कुमार सानू महाराज के सामने पहुंचे तो उनके शिष्य ने उनका परिचय कराते हुए बताया कि वह 90 के दशक से संगीत जगत में सक्रिय हैं और अब तक करीब 27 हजार गीत गा चुके हैं। कुमार सानू के साथ मौजूद लोगों ने बताया कि वह संत प्रेमानंद महाराज के दर्शन के लिए अमेरिका से सीधे वृंदावन आए हैं।संत प्रेमानंद महाराज ने कुमार सानू से कहा कि लोकप्रिय होना सामान्य बात नहीं है, इसके लिए पूर्व जन्मों के पुण्य और तप का प्रभाव होता है। आपने अपनी आवाज से जनमानस को अपना बनाया है। भारतीय संगीत प्रेमियों के लिए आपकी वाणी कर्णप्रिय है। यह सब पूर्व जन्म के पुण्य का प्रताप है। उन्होंने कहा कि अब इससे नीचे नहीं जाना चाहिए, बल्कि ऐसे भजन और लोकोपकार के कार्य करने चाहिए, जिससे आगे भी भारत में जन्म मिले और यश प्राप्त हो।
महाराज ने आगे कहा कि यदि शिव प्रेम की प्राप्ति की चाह है, तो “शंभू, सदा शिव शंभू” का उठते-बैठते निरंतर स्मरण करें। नाम जप से भगवान की निश्चित प्राप्ति होती है और संसार के बंधन नष्ट होते हैं।इस अवसर पर कुमार सानू ने अपना एक और लोकप्रिय गीत “जब कोई बात बिगड़ जाए…” भी सुनाया। उन्होंने कहा कि यह गीत उनके दिल के बहुत करीब है और इसे कोई भी अपने प्रियजनों—चाहे भगवान हों, भाई-बहन हों या जीवनसाथी—के लिए गा सकता है।कुमार सानू और संत प्रेमानंद महाराज के इस आध्यात्मिक मिलन को लेकर उनके प्रशंसकों और श्रद्धालुओं में खास उत्साह देखने को मिला।

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