देवरिया जिला जेल में बंद पूर्व आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर की तबीयत शनिवार को एक बार फिर बिगड़ गई। पेट में तेज दर्द और बेचैनी की शिकायत के बाद जेल प्रशासन ने उन्हें महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया है। डॉक्टरों के अनुसार, दर्द का कारण अपेंडिक्स से जुड़ी समस्या हो सकती है।अमिताभ ठाकुर पिछले एक सप्ताह से पेट दर्द से पीड़ित थे। जेल अस्पताल में तैनात डॉक्टर राहुल त्रिपाठी द्वारा दी गई दवाओं से कुछ समय के लिए राहत मिली थी, लेकिन शनिवार सुबह अचानक दर्द तेज हो गया और घबराहट बढ़ने लगी। स्थिति गंभीर देखते हुए उन्हें मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया।सर्जरी वार्ड में भर्ती, अल्ट्रासाउंड और ब्लड टेस्ट जारी मेडिकल कॉलेज में सर्जरी विभाग के डॉक्टर राकेश कुमार ने उनकी जांच की और उन्हें सर्जरी वार्ड में भर्ती कर लिया गया है। अमिताभ ठाकुर को नई ओपीडी के सर्जिकल वार्ड में बेड नंबर 50 पर रखा गया है।
डॉक्टरों ने अल्ट्रासाउंड और ब्लड टेस्ट कराने की सलाह दी है। रिपोर्ट के आधार पर आगे के इलाज का निर्णय लिया जाएगा।कड़ी सुरक्षा व्यवस्था, 6 पुलिसकर्मी तैनात अस्पताल में अमिताभ ठाकुर की सुरक्षा के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। सर्जिकल वार्ड में एक दरोगा समेत छह पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। आम लोगों के प्रवेश पर रोक लगाई गई है और केवल मेडिकल स्टाफ व प्रशासनिक अनुमति से ही वार्ड में प्रवेश दिया जा रहा है।अस्पताल प्रशासन के अनुसार, यह व्यवस्था एहतियातन की गई है ताकि इलाज में कोई बाधा न आए और कानून-व्यवस्था बनी रहे।रिहाई का रास्ता साफ होने के बीच बिगड़ी तबीयत गौरतलब है कि तबीयत बिगड़ने से करीब दो घंटे पहले ही अमिताभ ठाकुर की रिहाई का रास्ता साफ हुआ था।
लखनऊ की मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) कोर्ट ने उनके खिलाफ जारी बी-वारंट को ‘अदम तामीला’ (अनएक्जीक्यूटेड) घोषित करते हुए वापस करने का आदेश दिया था।पहले भी बिगड़ चुकी है तबीयत करीब 23 दिन पहले भी अमिताभ ठाकुर को सीने में दर्द और भारीपन की शिकायत पर अस्पताल में भर्ती कराया गया था। पहले उन्हें देवरिया और गोरखपुर मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, फिर SGPGI लखनऊ रेफर किया गया था। वहां कार्डियोलॉजी विभाग की निगरानी में इलाज के बाद 8 जनवरी को उन्हें डिस्चार्ज किया गया था।भूमि घोटाले के मामले में जेल में बंदअमिताभ ठाकुर पर आरोप है कि उन्होंने वर्ष 1999 में अपने कार्यकाल के दौरान देवरिया के इंडस्ट्रियल एरिया में अपनी पत्नी नूतन ठाकुर के नाम पर भूमि आवंटन कराया और कूटरचित दस्तावेजों के जरिए प्लॉट खरीदा गया। इस मामले में समाजसेवी की शिकायत पर केस दर्ज किया गया था।उन्हें 9-10 दिसंबर की रात शाहजहांपुर से गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया था, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। इस मामले में उनकी पत्नी नूतन ठाकुर भी आरोपी हैं।

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