चिनहट थाना क्षेत्र में सिल्ट (बालू) निकालने के नाम पर एक युवक से करीब 28.50 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। पीड़ित से 25 प्रतिशत मुनाफे का झांसा देकर निवेश कराया गया और काम पूरा होने के बाद रकम लौटाने में टालमटोल शुरू कर दी गई। विरोध करने पर आरोपियों ने जान से मारने की धमकी दी और मारपीट भी की।पीड़ित विकास यादव, निवासी निजामपुर मल्हौर ने बताया कि उनके पूर्व परिचित देवेंद्र सिंह, जो रोहतास गोल्फ लिंक अपार्टमेंट में रहते हैं और ‘रान्या सिंह एंड कंपनी’ नाम से फर्म चलाते हैं, ने उन्हें निवेश के लिए प्रेरित किया। देवेंद्र सिंह ने दावा किया था कि उन्हें सिंचाई खंड लखनऊ के अंतर्गत गोमती स्केप से सिल्ट/बालू निकालने की अनुमति मिली है और डीएम की स्वीकृति के बाद काम और बढ़ेगा।
उन्होंने आर्थिक जरूरत बताकर निवेश करने पर 25 प्रतिशत मुनाफा देने का आश्वासन दिया।कई किश्तों में लिए गए लाखों रुपयेपीड़ित के अनुसार —12 फरवरी 2024 को 10 लाख रुपये आरटीजीएस के जरिए कंपनी के खाते में ट्रांसफर किए गएइसके अलावा 4.50 लाख रुपये नकद दिए गए13 फरवरी को 5.50 लाख रुपये खाते में ट्रांसफर और 3.50 लाख नकद दिलवाए गए14 फरवरी को राजमणि उपाध्याय के माध्यम से 5 लाख रुपये खाते में ट्रांसफर कराए गएइस तरह कुल 28.50 लाख रुपये का निवेश कराया गया।पैसा मांगने पर फोन बंद, धमकी और मारपीटविकास यादव का आरोप है कि देवेंद्र सिंह ने सिल्ट निकालने का काम कर मुनाफा कमाया, लेकिन जब उन्होंने अपनी मूल रकम और वादा किया गया प्रॉफिट मांगा तो टालमटोल शुरू कर दी गई।
बाद में आरोपियों ने फोन उठाना भी बंद कर दिया।पीड़ित ने बताया कि जब वह पैसे मांगने देवेंद्र सिंह के कार्यालय पहुंचे, तो वहां मौजूद रोहित यादव और अजीत सिंह ने गाली-गलौज की और धमकी दी कि —"मारकर सिल्ट में दबा देंगे, लाश का भी पता नहीं चलेगा।"आरोप है कि इस दौरान उनके साथ मारपीट भी की गई।पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा, जांच जारी पीड़ित की शिकायत पर चिनहट थाना पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है और मामले की जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस का कहना है कि लेन-देन के बैंक रिकॉर्ड और अन्य साक्ष्यों के आधार पर जांच की जा रही है।

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