नोएडा: साहित्य की दुनिया में आज एक बड़ी क्षति हुई है। प्रतिष्ठित साहित्यकार और पद्मश्री सम्मानित राजाराम जैन का आज निधन हो गया। वे 80 वर्ष के थे और हिंदी साहित्य में उनका योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण रहा।
राजाराम जैन ने अपने जीवनकाल में 40 से अधिक पुस्तकें लिखीं और कई दुर्लभ प्राचीन पांडुलिपियों का अनुवाद करके उन्हें आम पाठकों के लिए सुलभ बनाया। उनकी लेखनी ने न केवल साहित्यिक जगत को समृद्ध किया, बल्कि भारतीय संस्कृति और भाषा की गहरी समझ भी प्रस्तुत की।साहित्यिक समुदाय में उनकी गहरी स्नेह और मार्गदर्शन की चर्चा हमेशा रहेगी। जैन जी का जीवन और कार्य साहित्य प्रेमियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
उनके निधन से हिंदी साहित्य और संस्कृति को अपूरणीय क्षति हुई है। उनके अंतिम संस्कार का कार्यक्रम आज नोएडा में आयोजित किया जाएगा।स्मरण: राजाराम जैन ने साहित्य के क्षेत्र में जो योगदान दिया, वह आने वाली पीढ़ियों के लिए मार्गदर्शक रहेगा।

.jpeg)
