काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के वाद्य संगीत विभाग, संगीत एवं मंच कला संकाय द्वारा आयोजित पंजाब घराने की तबला वादन तकनीकों पर आधारित तीन दिवसीय कार्यशाला का प्रथम सत्र आज सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ। यह कार्यशाला 19 से 21 जनवरी 2026 तक आयोजित की जा रही है।
कार्यशाला में विश्वविख्यात तबला वादक, उस्ताद अल्ला रक्खा खाँ साहब के सुपुत्र और उस्ताद ज़ाकिर हुसैन के भाई उस्ताद फ़ज़ल क़ुरैशी ने विषय विशेषज्ञ के रूप में विद्यार्थियों को पेशकार की संरचना, लयात्मक विकास, बोलों की स्पष्टता और तिहाई के प्रयोग के व्यावहारिक आयाम समझाए।उस्ताद फ़ज़ल क़ुरैशी ने अपने पिता और भाई द्वारा प्रस्तुत प्रसिद्ध पेशकार शैली का सजीव प्रदर्शन कर दिखाया और पंजाब घराने के कायदे का अभ्यास और मंच प्रस्तुति में उसका प्रभावी उपयोग भी विद्यार्थियों को सिखाया। लेहरा संगत का दायित्व प्रेम चंद ने निभाया, जिससे वादन तकनीकों की समझ और भी स्पष्ट हुई।
कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रो. संगीता पंडित ने की, जबकि प्रो. के. शशि कुमार की गरिमामयी उपस्थिति भी रही। विभागाध्यक्ष प्रो. राजेश शाह संयोजक, प्रो. प्रविण उद्धव आयोजन सचिव और डॉ. निखिल भगत एवं डॉ. चंदन विश्वकर्मा सह-आयोजन सचिव के रूप में उपस्थित थे। कार्यशाला में विभाग के अन्य आचार्य, शोधार्थी और विद्यार्थी भी उपस्थित रहे।कार्यशाला का प्रथम सत्र ज्ञानवर्धक, प्रेरणादायी और व्यावहारिक दृष्टि से अत्यंत उपयोगी साबित हुआ।

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