नई दिल्ली कभी टिंडर पर हुई एक मुलाकात, फिर सूटकेस मर्डर जैसा सनसनीखेज मामला और अब शादी—प्रिया सेठ और हनुमान की कहानी इन दिनों चर्चा में है। अपराध, सज़ा और रिश्तों के बीच पनपी यह प्रेम-कथा कई सवाल खड़े कर रही है।टिंडर से शुरू हुई कहानीबताया जाता है कि प्रिया सेठ और हनुमान की पहली मुलाकात डेटिंग ऐप टिंडर के ज़रिए हुई थी। शुरुआती बातचीत दोस्ती में बदली और फिर रिश्ता आगे बढ़ा। दोनों के बीच नज़दीकियां बढ़ीं, लेकिन हालात ने जल्द ही एक भयावह मोड़ ले लिया।सूटकेस मर्डर केस और गिरफ्तारीकुछ समय बाद सामने आए सूटकेस मर्डर केस ने पूरे मामले को सुर्खियों में ला दिया। पुलिस जांच में प्रिया सेठ और हनुमान के नाम सामने आए। जांच एजेंसियों ने दोनों को आरोपी बनाया और मामला अदालत तक पहुंचा।
केस की गंभीरता को देखते हुए उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजा गया।ओपन जेल में नई शुरुआतकानूनी प्रक्रिया के दौरान हनुमान को ओपन जेल में रखा गया, जहां कैदियों को सीमित आज़ादी और काम करने की अनुमति होती है। इसी दौरान प्रिया और हनुमान का संपर्क बना रहा। परिवार और प्रशासनिक अनुमति के साथ दोनों की मुलाकातें होती रहीं, और यहीं उनका रिश्ता एक बार फिर मज़बूत हुआ।जेल के भीतर परवान चढ़ा प्यारसूत्रों के मुताबिक, मुश्किल हालात और लंबी कानूनी लड़ाई के बीच दोनों ने एक-दूसरे का साथ नहीं छोड़ा।
ओपन जेल में रहते हुए हनुमान और प्रिया ने शादी का फैसला लिया। सभी औपचारिकताओं और अनुमति के बाद दोनों ने विवाह कर लिया।समाज में बहस और सवालयह शादी जहां एक ओर इंसानी रिश्तों की जटिलता को दिखाती है, वहीं दूसरी ओर समाज में बहस भी छेड़ रही है। सवाल उठ रहे हैं कि क्या गंभीर अपराधों के आरोपों के बीच ऐसे रिश्तों को सामाजिक स्वीकृति मिलनी चाहिए, या यह निजी जीवन का मामला है?फिलहाल आगे क्यामामला अभी भी कानूनी प्रक्रिया के दायरे में है। अदालत का फैसला आना बाकी है, और उसी पर प्रिया सेठ और हनुमान के भविष्य की दिशा तय होगी। तब तक उनकी यह असाधारण प्रेम-कहानी लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है।

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