बिहार बोर्ड 10वीं परीक्षा: दीवार फांदने पर 2 साल का बैन, जूता-मौजा और एंट्री टाइम समेत सख्त नियम जारी

पटना।बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) ने मैट्रिक (10वीं) परीक्षा 2026 को कदाचार-मुक्त और सुव्यवस्थित ढंग से आयोजित करने के लिए परीक्षा केंद्रों पर लागू होने वाले सख्त नियम जारी कर दिए हैं। समिति ने स्पष्ट किया है कि नियमों के उल्लंघन पर परीक्षार्थियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।दीवार फांदने पर सीधा प्रतिबंध बोर्ड के अनुसार, परीक्षा केंद्र में दीवार फांदकर प्रवेश करने वाले परीक्षार्थियों पर 2 साल तक का प्रतिबंध लगाया जाएगा। ऐसे छात्र आगामी दो वर्षों तक बिहार बोर्ड की किसी भी परीक्षा में शामिल नहीं हो सकेंगे।जूता-मौजा पहनकर एंट्री नहीं परीक्षा के दौरान जूता और मौजा पहनकर परीक्षा केंद्र में प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। छात्र केवल चप्पल पहनकर ही केंद्र में जा सकेंगे। यह नियम नकल रोकने के उद्देश्य से लागू किया गया है।एंट्री टाइम को लेकर सख्ती बिहार बोर्ड ने परीक्षा केंद्र में प्रवेश के समय को लेकर भी स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं।

परीक्षा शुरू होने से 30 मिनट पहले केंद्र में प्रवेश अनिवार्य होगा निर्धारित समय के बाद आने वाले परीक्षार्थियों को किसी भी स्थिति में प्रवेश नहीं मिलेगा।ये चीजें भी रहेंगी प्रतिबंधितमोबाइल फोन, स्मार्ट वॉच, ब्लूटूथ डिवाइस इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स कागज, पर्ची या कोई भी आपत्तिजनक सामग्री पहचान पत्र अनिवार्य परीक्षा केंद्र में प्रवेश के लिए एडमिट कार्ड और स्कूल आईडी कार्ड साथ लाना अनिवार्य होगा। बिना पहचान पत्र के किसी भी छात्र को प्रवेश नहीं दिया जाएगा।बोर्ड की अपील बिहार बोर्ड ने परीक्षार्थियों से अपील की है कि वे परीक्षा के नियमों का पालन करें और समय से पहले परीक्षा केंद्र पहुंचें। बोर्ड का कहना है कि सख्ती का उद्देश्य छात्रों को परेशान करना नहीं, बल्कि परीक्षा की पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखना है। बिहार बोर्ड की यह सख्ती इस बार की मैट्रिक परीक्षा को पूरी तरह नकल-मुक्त बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।



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