सिंगापुर दौरे के दौरान करीब 6,000 करोड़ के निवेश समझौतों (MoU)** पर हस्ताक्षर किए। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन परियोजनाओं के जरिए उत्तर प्रदेश में लगभग 20,000 युवाओं को रोजगार मिलने की उम्मीद है।यह दौरा राज्य में विदेशी निवेश (FDI) आकर्षित करने की रणनीति का हिस्सा है। सरकार का दावा है कि इन समझौतों से प्रदेश में औद्योगिक विकास को नई गति मिलेगी।3 दिन, 25 बड़े उद्योगपतियों से मुलाकात मुख्यमंत्री तीन दिनों तक सिंगापुर में रहेंगे और इस दौरान 25 से अधिक कंपनियों के CEO और शीर्ष अधिकारियों से मुलाकात करेंगे। इन बैठकों में इंफ्रास्ट्रक्चर, स्मार्ट सिटी, लॉजिस्टिक्स, डेटा सेंटर,
फिनटेक और ग्रीन एनर्जी जैसे क्षेत्रों में निवेश पर चर्चा होगी।सरकारी सूत्रों के अनुसार, कई कंपनियों ने उत्तर प्रदेश में औद्योगिक पार्क और टेक्नोलॉजी हब स्थापित करने में रुचि दिखाई है।किन क्षेत्रों में होगा निवेश?डेटा सेंटर और आईटी सेवाएं वेयरहाउसिंग और लॉजिस्टिक्स हब शहरी विकास और स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर अक्षय ऊर्जा परियोजनाएं स्किल डेवलपमेंट और स्टार्टअप रोजगार और अर्थव्यवस्था पर असर राज्य सरकार का कहना है कि प्रस्तावित निवेश से न केवल प्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा, बल्कि छोटे और मध्यम उद्योगों (MSME) को भी बढ़ावा मिलेगा। इससे प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और सरकार के ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी लक्ष्य को समर्थन मिलेगा।मुख्यमंत्री ने कहा,“उत्तर प्रदेश आज निवेश के लिए सबसे बेहतर गंतव्य बन रहा है। कानून-व्यवस्था, इंफ्रास्ट्रक्चर और पारदर्शी नीतियों के कारण वैश्विक कंपनियां प्रदेश में आना चाहती हैं।”राजनीतिक और आर्थिक विशेषज्ञों की नजर अब इस बात पर है कि इन समझौतों को जमीन पर उतारने की प्रक्रिया कितनी तेजी से आगे बढ़ती है।
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