अस्सी घाट पर आयोजित ‘सुबहे बनारस’ की सांस्कृतिक श्रृंखला में शुक्रवार को शास्त्रीय संगीत की अनुपम प्रस्तुति देखने को मिली। इंटरनेशनल हिन्दू स्कूल के अध्यक्ष डॉ. सुमन कुमार मिश्र (एफ.एस.ए.) की पौत्री एवं भारतीय मूल की अमेरिकी वैज्ञानिक डॉ. शताक्षी दूबे ओ’नील (सीनियर साइंटिस्ट, रिसर्च ट्रायंगल, नॉर्थ कैरोलाइना, अमेरिका) का विशेष मायन (सम्मान) किया गया।डॉ. शताक्षी ने अपने गायन की शुरुआत राग गुनकली में मध्य रूपक ताल में निबद्ध बंदिश “बाजे डमरु हर का” से की। इसके बाद राग भैरवी में मध्य झपताल में निबद्ध शिव स्तुति “हे चन्द्रमौली, हे चन्द्रशेखर” प्रस्तुत कर श्रोताओं को भावविभोर कर दिया। कार्यक्रम में उन्होंने मीरा बाई का प्रसिद्ध भजन “राणा मैं बैरागन हो गई” सुनाकर भक्ति रस का संचार किया। अंत में होरी “रंग उड़े गुलाल, नाचे मगन होरी में” के साथ प्रस्तुति का समापन हुआ।
तबला संगत पंडित शशिकांत द्विवेदी ने की, जबकि संवादिनी पर नागेंद्र शर्मा ने साथ दिया।‘सुबहे बनारस’ के संस्थापक सचिव डॉ. रत्नेश वर्मा ने डॉ. शताक्षी को प्रमाणपत्र एवं आशीर्वाद प्रदान किया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. प्रीतेश आचार्य ने किया।इस अवसर पर डॉ. शताक्षी के माता-पिता—अमेरिका के कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. संदीप दूबे एवं डेंटिस्ट डॉ. क्षितिजा दूबे—तथा बागलिन वादक श्री ओ’नील की गरिमामयी उपस्थिति रही।
*छात्रों को किया प्रेरित*
कार्यक्रम के उपरांत डॉ. शताक्षी ने इंटरनेशनल हिन्दू स्कूल की प्रातः सभा में छात्रों को संबोधित किया। उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि विद्यार्थियों को निरंतर प्रयास करते हुए सफलता की ओर अग्रसर होना चाहिए।सभा में उनके पिता डॉ. संदीप दूबे—जो अमेरिकी कार्डियोलॉजिस्ट होने के साथ सीबीएसई बोर्ड परीक्षा के पूर्व टॉपर भी रहे —ने छात्रों को पढ़ाई के साथ-साथ खेलकूद में भी सक्रिय रहने की प्रेरणा दी। इस अवसर पर विद्यालय की प्रबंधक संध्या मिश्रा, प्रधानाचार्य संतोष कुमार तिवारी, उप-प्रधानाचार्य गणेश शंकर चतुर्वेदी, हेड मिस्ट्रेस अनुपम श्रीवास्तव सहित समस्त शिक्षक एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
