सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से तैयार किए गए कंटेंट को लेकर केंद्र सरकार ने सख्त कदम उठाया है। Ministry of Electronics and Information Technology (MeitY) ने Information Technology Rules 2021 में संशोधन करते हुए निर्देश जारी किया है कि AI जनरेटेड वीडियो, फोटो और ऑडियो पर स्पष्ट लेबल लगाना अनिवार्य होगा। ये नए नियम 20 फरवरी 2026 से प्रभावी होंगे।
किन प्लेटफॉर्म्स पर लागू होंगे नियम
नए दिशा-निर्देश प्रमुख सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स जैसे, X (पूर्व में ट्विटर)YouTube, Facebook Snapchatसहित सभी इंटरमीडियरी प्लेटफॉर्म्स पर लागू होंगे।
क्या हैं नए प्रावधान?
AI कंटेंट पर अनिवार्य लेबलवीडियो और फोटो में स्पष्ट रूप से दर्शाना होगा कि कंटेंट AI से तैयार किया गया है।विजुअल लेबल कंटेंट के कम से कम 10% हिस्से को कवर करेगा।ऑडियो कंटेंट में शुरुआती 10% हिस्से में स्पष्ट घोषणा सुनाई देनी अनिवार्य होगी।हर AI कंटेंट में स्थायी और यूनिक मेटाडेटा एम्बेड करना होगा, जिसे हटाया या छिपाया नहीं जा सके।
डीपफेक पर सख्त कार्रवाई
डीपफेक कंटेंट की शिकायत मिलने पर संबंधित प्लेटफॉर्म को 3 घंटे के भीतर उसे हटाना होगा।कंपनियों को ऑटोमेटेड टूल्स के जरिए गैरकानूनी, भ्रामक और अश्लील AI कंटेंट पर रोक लगानी होगी।यूजर्स को नियमित चेतावनीहर तीन महीने में प्लेटफॉर्म्स को अपने यूजर्स को नियमों और संभावित दंड के बारे में सूचित करना अनिवार्य होगा।
सरकार का उद्देश्य
सरकार का कहना है कि इन संशोधनों का मकसद इंटरनेट को अधिक सुरक्षित, भरोसेमंद और जवाबदेह बनाना है। हाल के वर्षों में डीपफेक और भ्रामक AI कंटेंट के बढ़ते मामलों को देखते हुए यह कदम उठाया गया है।विशेषज्ञों का मानना है कि नए नियमों से डिजिटल प्लेटफॉर्म्स की जवाबदेही बढ़ेगी और फेक कंटेंट पर लगाम लगाने में मदद मिलेगी।

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