पुलिस आयुक्त कमिश्नरेट वाराणसी मोहित अग्रवाल द्वारा आरटीसी/पुलिस लाइन वाराणसी में प्रशिक्षणाधीन महिला आरक्षियों को प्रमुख प्रतिष्ठानों की सुरक्षा संबंधी प्रशिक्षण प्रदान किया गया। पुलिस आयुक्त कमिश्नरेट वाराणसी मोहित अग्रवाल द्वारा आरटीसी/पुलिस लाइन वाराणसी में प्रशिक्षणाधीन महिला आरक्षियों हेतु एक महत्वपूर्ण प्रशिक्षण क्लास आयोजित की गई। इस प्रशिक्षण के दौरान महिला प्रशिक्षुओं को जनपद के प्रमुख एवं संवेदनशील प्रतिष्ठानों की सुरक्षा व्यवस्था, आधुनिक संसाधनों के प्रभावी उपयोग तथा आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित प्रतिक्रिया से संबंधित विस्तृत जानकारी दी गई।
पुलिस आयुक्त महोदय द्वारा एयरपोर्ट, श्री काशी विश्वनाथ मंदिर, रेलवे स्टेशन, ताज होटल, रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर सहित अन्य महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों की सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष बल देते हुए सतर्कता, अनुशासन एवं जिम्मेदारीपूर्ण भूमिका का महत्व समझाया गया।
प्रशिक्षण के प्रमुख बिंदु इस प्रकार रहे—
🔹 प्रमुख प्रतिष्ठानों की सुरक्षा
महिला प्रशिक्षुओं को संवेदनशील स्थलों पर ड्यूटी के दौरान सतर्क दृष्टि, सजग व्यवहार एवं त्वरित निर्णय क्षमता के महत्व से अवगत कराया गया तथा सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
🔹 HHMD एवं DFMD का उपयोग
हैंड हेल्ड मेटल डिटेक्टर (HHMD) एवं डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर (DFMD) के माध्यम से प्रभावी जांच प्रक्रिया की जानकारी देते हुए आधुनिक उपकरणों के कुशल प्रयोग हेतु प्रेरित किया गया।
🔹 BDDS (बम डिटेक्शन एवं डिस्पोजल स्क्वाड)
संदिग्ध वस्तुओं की पहचान, सुरक्षित घेराबंदी तथा विस्फोटक खतरे की स्थिति में BDDS टीम की कार्यप्रणाली एवं त्वरित रिस्पांस के संबंध में जानकारी दी गई।
🔹 PIDS एवं टायर किलर प्रणाली
पेरिमीटर इंट्रूजन डिटेक्शन सिस्टम (PIDS) के माध्यम से घुसपैठ की पहचान एवं टायर किलर प्रणाली द्वारा संदिग्ध वाहनों को तत्काल रोकने की प्रक्रिया समझाई गई।
🔹 एंटी-ड्रोन सुरक्षा प्रणाली
ड्रोन गतिविधियों की पहचान, निगरानी एवं नियंत्रण के माध्यम से संभावित खतरों की रोकथाम हेतु एंटी-ड्रोन सिस्टम की उपयोगिता पर प्रकाश डाला गया।
🔹 डॉग स्क्वाड की भूमिका
विस्फोटक पदार्थों की खोज एवं संदिग्ध वस्तुओं की पहचान में डॉग स्क्वाड की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित किया गया।
🔹 फायर ब्रिगेड एवं एम्बुलेंस की तैनाती
आपातकालीन परिस्थितियों में फायर ब्रिगेड एवं एम्बुलेंस की त्वरित उपलब्धता को अनिवार्य बताते हुए रिस्पांस टाइम न्यूनतम रखने पर जोर दिया गया।
🔹 सीसीटीवी कैमरों की उपयोगिता
ड्रोन कैमरा, बुलेट कैमरा, नाइट विजन एवं थर्मल कैमरों की भूमिका बताते हुए 24×7 प्रभावी निगरानी के महत्व को समझाया गया।
🔹 अनुशासन एवं आचरण
ड्यूटी के दौरान अनुशासन, समयपालन एवं शालीन व्यवहार को पुलिस आयुक्त द्वारा अत्यंत आवश्यक बताया गया।
इस अवसर पर सहायक पुलिस आयुक्त लाइन डॉ० ईशान सोनी, प्रतिसार निरीक्षक एवं अन्य अधिकारी/कर्मचारीगण उपस्थित रहे।


