वाराणसी, शनिवार। हाईकोर्ट से राहत मिलने के बाद शंकराचार्य मठ में एक बार फिर से रौनक लौट आई है। मठ परिसर में संतों और बटुकों के चेहरों पर खुशी साफ झलक रही है। फैसले के बाद मठ में पूजा-अर्चना और वैदिक मंत्रोच्चार का आयोजन किया गया।मठ से जुड़े संतों ने न्यायालय के निर्णय का स्वागत करते हुए इसे सत्य और न्याय की जीत बताया। संतों का कहना है कि वे शुरू से ही न्यायपालिका पर भरोसा रखते थे और उन्हें विश्वास था कि उन्हें न्याय अवश्य मिलेगा।
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कहा कि वे न्यायालय के निर्णय का सम्मान करते हैं और आगे भी कानूनी प्रक्रिया का पालन करेंगे। उन्होंने कहा कि यह निर्णय न केवल मठ, बल्कि सनातन परंपरा से जुड़े श्रद्धालुओं के लिए भी राहत लेकर आया है।फैसले की जानकारी मिलते ही मठ में श्रद्धालुओं का आना-जाना बढ़ गया। संत-बटुकों ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर खुशी जाहिर की। कई स्थानों पर दीप प्रज्वलित कर आभार व्यक्त किया गया।मठ प्रशासन ने कहा कि वे भविष्य में भी परंपराओं और धार्मिक गतिविधियों को पूर्ववत जारी रखेंगे। साथ ही उन्होंने सभी अनुयायियों से शांति और संयम बनाए रखने की अपील की है।

