नई दिल्ली।पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सोमवार को SIR (स्पेशल इन्वेस्टिगेशन रिपोर्ट) से जुड़े मामले में भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत से मुलाकात के दौरान तीखी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि “हमें कहीं भी न्याय नहीं मिल रहा है, मैं खुद को एक बंधुआ मजदूर की तरह महसूस कर रही हूं।”
ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार और संवैधानिक संस्थाओं के कुछ फैसलों से राज्यों के अधिकारों का हनन हो रहा है। उन्होंने कहा कि बार-बार राज्यों की आवाज़ को अनसुना किया जा रहा है और लोकतांत्रिक मूल्यों को कमजोर किया जा रहा है।मुख्यमंत्री ने SIR से जुड़े मुद्दे पर चिंता जताते हुए कहा कि रिपोर्ट के आधार पर लिए गए फैसले निष्पक्ष नहीं हैं और इससे राज्य सरकार के कामकाज में बाधा उत्पन्न हो रही है। उन्होंने न्यायपालिका से हस्तक्षेप की मांग करते हुए कहा कि संवैधानिक ढांचे की रक्षा करना बेहद जरूरी है।
सूत्रों के अनुसार, CJI सूर्यकांत ने मुख्यमंत्री की बातों को ध्यानपूर्वक सुना और उन्हें आश्वस्त किया कि मामले को कानून के दायरे में देखा जाएगा। हालांकि, इस मुलाकात के बाद न्यायालय की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया।राजनीतिक गलियारों में ममता बनर्जी के इस बयान को केंद्र और राज्य के बीच बढ़ते टकराव के रूप में देखा जा रहा है। विपक्षी दलों ने उनके बयान का समर्थन किया है, जबकि सत्तापक्ष ने इसे राजनीतिक दबाव बनाने की कोशिश बताया है।

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