मध्य-पूर्व में जारी इजराइल और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव के बीच भारत ने अपने नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्पष्ट किया है कि सरकार संघर्ष क्षेत्र में फंसे भारतीयों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए हर संभव कदम उठा रही है।प्रधानमंत्री ने कहा कि विदेश मंत्रालय स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और जरूरत पड़ने पर विशेष उड़ानों या अन्य सुरक्षित मार्गों की व्यवस्था की जाएगी।भारतीयों की सुरक्षित वापसी पर फोकस सरकारी सूत्रों के मुताबिक, ईरान और इजराइल में रह रहे भारतीय नागरिकों, छात्रों और कामगारों से संपर्क स्थापित किया गया है। दूतावासों ने एडवाइजरी जारी कर लोगों को सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है।विदेश मंत्रालय ने हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए हैं ताकि आपात स्थिति में तत्काल सहायता दी जा सके।श्रीनगर में विरोध प्रदर्शन
इस बीच जम्मू-कश्मीर की राजधानी श्रीनगर में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत की खबरों के विरोध में प्रदर्शन हुआ। प्रदर्शनकारियों ने सड़कों पर उतरकर नारेबाजी की।स्थिति तनावपूर्ण होने पर पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज किया। अधिकारियों के अनुसार, कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए यह कदम उठाया गया। कुछ लोगों के हल्की चोटें आने की भी खबर है।अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ता तनाव मध्य-पूर्व में हालात लगातार बिगड़ रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने दोनों देशों से संयम बरतने की अपील की है। वैश्विक बाजारों पर भी इस तनाव का असर देखने को मिल रहा है, खासकर कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव के रूप में।भारत सरकार ने स्पष्ट किया है कि क्षेत्र में शांति और स्थिरता उसकी प्राथमिकता है, साथ ही भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना सर्वोपरि है।

