नमो घाट फेज-2 पर उस समय तनाव की स्थिति पैदा हो गई, जब स्थानीय नाविकों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। नाविकों ने आरोप लगाया कि प्रशासन ने जबरन उनकी नावें खुलवाते हुए विरोध करने पर मारपीट और लाठीचार्ज किया।नाविकों के अनुसार, अस्सी घाट से लेकर आदि केशव घाट तक नाव संचालन के अधिकार को लेकर पहले से विवाद चला आ रहा है। उनका कहना है कि पूर्व में स्टांप पेपर पर हुए समझौते के तहत उन्हें शाही नाले से आदि केशव घाट तक नाव बांधने और संचालन की अनुमति दी गई थी, लेकिन अब प्रशासन उस समझौते को नजरअंदाज कर कार्रवाई कर रहा है।
सराय मोहाना निवासी सुरेंद्र निषाद ने बताया कि सुबह उन्हें सूचना मिली कि प्रशासन उनकी नावें जबरन हटवा रहा है। मौके पर पहुंचने पर उन्होंने देखा कि भारी पुलिस बल के साथ चौकी प्रभारी चंदन कुमार और आदमपुर थाने के इंस्पेक्टर मौजूद थे और उनकी निगरानी में नावें खुलवाई जा रही थीं।नाविकों का आरोप है कि नमो घाट पर नई आरती शुरू होने के बाद से कुछ लोगों के स्वार्थ के चलते उनके रोजगार पर असर डाला जा रहा है। “हम पिछले चार महीनों से नाव बांधकर आरती शुरू होने का इंतजार कर रहे थे, ताकि कुछ आमदनी हो सके, लेकिन प्रशासन ने हमारी उम्मीदों पर पानी फेर दिया,” नाविकों ने यह भी बताया कि उनके समाज के अध्यक्ष प्रमोद माझी की अध्यक्षता में पहले बैठक हुई थी, जिसमें नाव संचालन को लेकर लिखित सहमति बनी थी। इसके बावजूद वर्तमान कार्रवाई से नाविकों में भारी नाराजगी है।

