लालपुर लमही क्षेत्र में उस समय विरोध प्रदर्शन देखने को मिला, जब दलित और हिंदू समाज की महिलाओं ने शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के एक कथित बयान के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। महिलाओं ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के बयान पर कड़ी आपत्ति जताते हुए माफी या ठोस साक्ष्य प्रस्तुत करने की मांग की।प्रदर्शनकारी महिलाओं का कहना है कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद द्वारा दिए गए बयान में हजारों हिंदू बेटियों के मुस्लिम परिवारों में निकाह कराए जाने की बात कही गई, जिसे वे निराधार और समाज में भ्रम फैलाने वाला बता रही हैं। महिलाओं ने मांग की कि यदि ऐसा कोई मामला है तो संबंधित नाम और प्रमाण सार्वजनिक किए जाएं।
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहीं महिलाओं ने सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई। उनका आरोप है कि विरोध करने पर कुछ लोगों द्वारा उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया और हमला करने की कोशिश की गई। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि किसी महिला को कोई नुकसान होता है, तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित पक्ष की होगी।प्रदर्शनकारियों ने उत्तर प्रदेश सरकार और प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि इस प्रकार के बयान समाज में तनाव बढ़ा सकते हैं और राजनीतिक उद्देश्य से दिए जा रहे हैं।महिलाओं ने साफ कहा कि जब तक स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद अपने बयान के लिए माफी नहीं मांगते या ठोस प्रमाण प्रस्तुत नहीं करते, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। “या तो नाम बताएं या माफी मांगें,” के नारों के साथ महिलाओं ने जोरदार प्रदर्शन किया।

