वाराणसी (उत्तर प्रदेश), 2 मार्च 2026 — काशी के लमही स्थित सुभाष भवन में मुस्लिम महिला फाउंडेशन और विशाल भारत संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित गुलालोत्सव कार्यक्रम में मुस्लिम महिलाओं ने होली की रंगीन-भरी परंपरा को जीवंत रूप से मनाया और विश्व शांति व एकता का संदेश दिया। कार्यक्रम में महिलाओं ने ढोल-मंजीरे की थाप पर गुलाल और फूल उड़ाते हुए होली खेली, गुलाल चेहरे पर लगाई और परंपरागत होली गीत भी गाए। आयोजकों और सहभागियों ने कहा कि होली भारत की संस्कृति का हिस्सा है और इससे नफरत, हिंसा तथा कट्टरता को मिटाकर भाईचारे और सद्भाव का संदेश फैलाने की शक्ति मिलती है।
मुस्लिम महिला फाउंडेशन की अध्यक्ष नाज़नीन अंसारी ने कहा कि भारत में होली रंगों, प्रेम और एकात्मता का त्योहार है तथा इसका आनंद सभी समुदायों को मिलकर उठाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि यदि अन्य देशों में भी लोग इस तरह की सांस्कृतिक साझेदारी अपनाएं तो दुनिया में शांति की संभावना बढ़ेगी। कार्यक्रम में हिंदू महिलाओं ने भी मुस्लिम महिलाओं को गुलाल लगाया और दोनों पक्षों ने मिलकर “गंगा-जमुनी तहजीब” की मिसाल पेश की। आयोजकों ने आगे कहा कि यह आयोजन सामाजिक सद्भाव और अंतर-धार्मिक एकता को मजबूत करने के लिए एक सकारात्मक कदम है।

