‘ऋतु रंग’ सांस्कृतिक संध्या का भव्य आयोजन, कलाकारों व विभूतियों का हुआ सम्मान

शिव बारात समिति द्वारा कबीर नगर में आयोजित सांस्कृतिक संध्या ‘ऋतु रंग’ ने दर्शकों को भारतीय संस्कृति, जीवन मूल्यों और ऋतुओं के विविध रंगों से रूबरू कराया। कार्यक्रम में जहां ऋतु के चार रंगों को प्रस्तुत किया गया, वहीं जीवन के चार पहलुओं को भी प्रभावी ढंग से समझाने का प्रयास किया गया।इस अवसर पर प्रख्यात नृत्यांगना सितारा देवी के पौत्र विशाल कृष्णा की 11 वर्षीय शिष्या अनोखी को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में काशी का नाम विश्व स्तर पर रोशन करने वाले विद्वान पंडित शिवनाथ मिश्र तथा सांस्कृतिक पत्रकारिता के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले वरिष्ठ पत्रकार अमिताभ दादा को भी सम्मानित किया गया। इन सभी विभूतियों के सम्मान से आयोजकों ने स्वयं को गौरवान्वित महसूस किया।

कार्यक्रम की सफलता का श्रेय शिव बारात समिति के अध्यक्ष गौरव अग्रवाल, संरक्षक दीपक बजाज, आर. के. चौधरी तथा विधायक डॉ. नीलकंठ तिवारी को दिया गया। सामूहिक रुद्राभिषेक पीठ सारंगनाथ से जुड़ाव ने भी समिति को और मजबूती प्रदान की।कार्यक्रम संयोजक हरीश वालिया, स्वर्णकार समाज के कमल कुमार सिंह सहित खत्री हितकारिणी सभा, मारवाड़ी समाज और स्वर्णकार समाज के सभी सदस्यों का विशेष योगदान रहा, जिनके प्रति आयोजकों ने आभार व्यक्त किया।कार्यक्रम के माध्यम से ‘ऋतु रंग’ की अवधारणा को भी प्रस्तुत किया गया, जिसमें भारत की कृषि परंपरा, ऋतुओं के परिवर्तन और किसानों के जीवन से जुड़े उत्सवों को दर्शाया गया। यह बताया गया कि भारत में ऋतुएं केवल मौसम नहीं, बल्कि जीवन के उत्सव हैं, जो किसानों की मेहनत, खुशियों और सपनों को दर्शाती हैं।देश के विभिन्न राज्यों में मनाए जाने वाले फसल उत्सव—जैसे वैशाखी, बोहाग बिहू, पोइला बैसाख, सत्तू संक्रांति, विशु, पुथांडु और मेष संक्रांति—को ‘ऋतु रंग’ के माध्यम से एक सूत्र में पिरोने का प्रयास किया गया।कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि भारत की सांस्कृतिक विविधता ही उसकी सबसे बड़ी शक्ति है, और ऐसे आयोजन हमें अपनी परंपराओं से जोड़ने का कार्य करते हैं।



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