काशी हिंदू विश्वविद्यालय के मधुबन परिसर में संविदा कर्मचारियों का धरना लगातार तेज होता जा रहा है। पिछले पांच दिनों से कर्मचारी अपनी विभिन्न मांगों को लेकर शांतिपूर्ण ढंग से धरनारत हैं। कर्मचारियों का कहना है कि वर्षों से सेवा देने के बावजूद उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया जा रहा, जिससे उनमें निराशा और आक्रोश बढ़ता जा रहा है।धरने के पांचवें दिन आंदोलन को नई गति तब मिली जब कांग्रेस महानगर अध्यक्ष धरनास्थल पर पहुंचे और कर्मचारियों का समर्थन किया। उन्होंने कर्मचारियों से संवाद कर उनकी समस्याओं को सुना। कर्मचारियों ने उन्हें अपनी प्रमुख मांगों—स्थायीकरण, वेतन वृद्धि और सेवा सुरक्षा—से अवगत कराया।
उन्होंने ने कर्मचारियों को आश्वस्त किया कि उनकी मांगों को उच्च स्तर तक पहुंचाया जाएगा। उन्होंने कहा कि लंबे समय से कार्यरत कर्मचारियों के साथ इस प्रकार की अनदेखी उचित नहीं है और उनके अधिकारों की रक्षा आवश्यक है। साथ ही उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन से जल्द सकारात्मक पहल करने की अपील की।धरनास्थल पर मौजूद कर्मचारियों का कहना है कि वे कई बार अपनी समस्याएं प्रशासन के सामने रख चुके हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक मांगें पूरी नहीं होंगी, आंदोलन जारी रहेगा। साथ ही यह भी कहा कि उनका विरोध पूरी तरह शांतिपूर्ण है।धरने के दौरान कर्मचारियों ने एकजुटता दिखाते हुए नारेबाजी की और प्रशासन से जल्द कार्रवाई की मांग की। कुछ कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों को नजरअंदाज किया गया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।स्थानीय राजनीतिक और सामाजिक संगठनों का भी इस मुद्दे पर ध्यान बढ़ता जा रहा है। फिलहाल सभी की नजरें प्रशासन पर टिकी हैं कि वह इस मामले में क्या निर्णय लेता है। कर्मचारियों को उम्मीद है कि जल्द उनकी मांगें पूरी होंगी, अन्यथा आंदोलन और तेज हो सकता है।

