सनातन धर्म में अत्यंत पवित्र माने जाने वाले पुरुषोत्तम मास के प्रारंभ होते ही धर्म नगरी काशी का वातावरण भक्तिमय हो उठा। पुरुषोत्तम मास के पहले दिन से ही गोदौलिया क्षेत्र स्थित हौज कटोरा मोहल्ले के प्राचीन पुरुषोत्तम मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। सुबह से ही मंदिर में दर्शन-पूजन के लिए भक्तों का तांता लगा रहा।धार्मिक मान्यता के अनुसार पुरुषोत्तम मास भगवान श्री हरि विष्णु को समर्पित होता है और इस पूरे माह उनकी आराधना करने से विशेष पुण्य फल की प्राप्ति होती है। इसी आस्था के चलते श्रद्धालु बड़ी संख्या में मंदिर पहुंचकर भगवान पुरुषोत्तम के दर्शन कर सुख-समृद्धि और मनोकामना पूर्ति की कामना कर रहे हैं।
त्र्यंबकेश्वर मंदिर परिसर में स्थित इस प्राचीन मंदिर में काले पत्थर से निर्मित भगवान श्री हरि विष्णु की भव्य प्रतिमा श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बनी रही। मंदिर को रंग-बिरंगी पुष्प सज्जा और आकर्षक विद्युत सजावट से भव्य रूप दिया गया। विशेष पूजन, आरती और वैदिक मंत्रोच्चार से पूरा क्षेत्र भक्तिमय वातावरण में डूबा नजर आया।पुरुषोत्तम मास के अवसर पर भगवान विष्णु को प्रिय माने जाने वाले मालपुए का विशेष भोग भी लगाया गया। श्रद्धालुओं ने भगवान को 33 मालपुए अर्पित कर विशेष पूजा-अर्चना की। मंदिर परिसर में भगवान विष्णु के 33 नामों का स्मरण और पाठ भी किया गया।मंदिर के पुजारियों एवं आयोजकों ने बताया कि पुरुषोत्तम मास में भगवान विष्णु की पूजा का विशेष महत्व होता है। इस माह श्रद्धा भाव से पूजन करने वाले भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं तथा जीवन के कष्ट दूर होते हैं।पुरुषोत्तम मास के प्रारंभ के साथ ही मंदिर और आसपास की गलियां श्रद्धालुओं की भीड़ और जयघोष से गूंज उठीं। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने उपस्थित होकर भगवान श्री हरि विष्णु की आरती में सहभागिता की और आशीर्वाद प्राप्त किया।


