लखनऊ। स्मार्ट प्रीपेड मीटर के लिए उपभोक्ताओं से तय दर से अधिक रकम वसूलने और उसे वापस करने में हो रही देरी को लेकर उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग (UPERC) ने उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (UPPCL) को फटकार लगाई है। आयोग ने कहा कि बिना नियामकीय मंजूरी के उपभोक्ताओं से अतिरिक्त मीटर शुल्क वसूलना उचित नहीं था।
मामले में UPERC ने अतिरिक्त वसूली की रकम उपभोक्ताओं के बिजली बिल में समायोजित या वापस करने के निर्देश दिए थे। रिपोर्ट के मुताबिक, बाद में UPPCL ने 93,138 उपभोक्ताओं को करीब 33.22 करोड़ रुपये वापस करने की प्रक्रिया शुरू की, जिसमें 29.79 करोड़ रुपये 83,813 उपभोक्ताओं के बिजली खातों में समायोजित किए जा चुके हैं।
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दरअसल, स्मार्ट प्रीपेड मीटर की कीमत को लेकर विवाद सामने आया था। UPERC ने 2025 के Cost Data Book में सिंगल फेज मीटर की स्वीकृत लागत 2,800 रुपये और थ्री फेज मीटर की 4,100 रुपये तय की थी। इससे पहले उपभोक्ताओं से अधिक राशि वसूले जाने की शिकायतें सामने आई थीं।
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इस मामले में उपभोक्ता संगठनों ने सभी पात्र उपभोक्ताओं को अतिरिक्त वसूली की रकम लौटाने की मांग की है।
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