काशी की ऐतिहासिक और विश्वप्रसिद्ध नाटी इमली भरत मिलाप लीला को लेकर तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। आगामी 22 अक्टूबर को आयोजित होने वाले 484वें भरत मिलाप को भव्य और व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने के लिए पूरे मैदान की साफ-सफाई, अतिक्रमण हटाने, प्रकाश व्यवस्था और बैरिकेडिंग का कार्य कराया जा रहा है। आयोजन की तैयारियों की निगरानी आयोजन से जुड़े मोहन कृष्ण अग्रवाल और क्षेत्रीय सभासद प्रमोद राय कर रहे हैं। मौके पर नगर निगम, बिजली विभाग सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी भी व्यवस्थाओं को दुरुस्त कराने में जुटे हैं।
नाटी इमली का भरत मिलाप काशी की प्राचीन धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं में विशेष स्थान रखता है। इस ऐतिहासिक लीला में प्रभु श्रीराम और उनके अनुज भरत का अद्भुत मिलन देखने के लिए हर वर्ष लाखों की संख्या में श्रद्धालु जुटते हैं। इस अलौकिक क्षण के साक्षी बनने के लिए काशी के साथ ही दूर-दराज के क्षेत्रों से भी लोग पहुंचते हैं।परंपरा के अनुसार, भरत मिलाप में काशी नरेश भी शामिल होते हैं, जहां उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर देकर सलामी दी जाती है। इस आयोजन को लेकर क्षेत्र में सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन की दृष्टि से बैरिकेडिंग की जा रही है, वहीं श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए अन्य व्यवस्थाओं को भी अंतिम रूप दिया जा रहा है।
आयोजन समिति और संबंधित विभागों की सक्रियता के बीच तैयारियां लगातार आगे बढ़ रही हैं। अब श्रद्धालुओं को 22 अक्टूबर का इंतजार है, जब नाटी इमली का मैदान एक बार फिर प्रभु श्रीराम और भरत के ऐतिहासिक मिलन का साक्षी बनेगा और पूरा क्षेत्र भक्ति व आस्था के रंग में सराबोर होगा।


