प्रेस की स्वतंत्रता और पत्रकारों की सुरक्षा के मुद्दे पर समाजवादी पार्टी के नेता जीशान अंसारी के नेतृत्व में विरोध दर्ज कराया गया। इस दौरान जिलाधिकारी के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को संबोधित ज्ञापन सौंपा गया। विरोध के प्रतीकस्वरूप सरकार को प्रतीकात्मक ट्रॉफी भी सौंपी गई।
ज्ञापन में दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान पत्रकारों की गिरफ्तारी का मुद्दा उठाते हुए इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और लोकतांत्रिक अधिकारों से जोड़कर चिंता जताई गई। सपा नेता ने आरोप लगाया कि पत्रकारों की आवाज दबाने का प्रयास किया जा रहा है, जबकि लोकतंत्र में मीडिया की भूमिका सत्ता से सवाल पूछने और जनता की आवाज उठाने की है।
ज्ञापन के माध्यम से प्रेस की स्वतंत्रता सुनिश्चित करने, पत्रकारों के खिलाफ की गई कार्रवाइयों की निष्पक्ष समीक्षा करने और निर्वाचन आयोग की निष्पक्षता से जुड़े सवालों पर पारदर्शिता बरतने की मांग की गई। इस दौरान लोकतांत्रिक व्यवस्था में पत्रकारिता की स्वतंत्रता और सरकार की जवाबदेही सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।


