सामने घाट, गढ़वा घाट रोड स्थित अपना घर आश्रम में असहाय, लावारिस और पीड़ित लोगों के कल्याणार्थ आयोजित श्रीमद्भागवत महापुराण कथा में मानव सेवा और प्रभु भक्ति का संदेश दिया गया।
व्यास पीठ से कथा सुनाते हुए पूज्य महाराज श्री ने कहा कि काशी और मां गंगा के पावन तट पर भागवत कथा का श्रवण मोक्षदायी है। उन्होंने असहाय और बीमार लोगों की सेवा को ‘नर सेवा, नारायण सेवा’ का सच्चा उदाहरण बताया।
आश्रम प्रबंधन के अनुसार, वाराणसी शाखा में सैकड़ों असहाय लोगों की देखरेख की जा रही है। उन्हें समाज के सहयोग से निःशुल्क भोजन, आवास और चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। कथा का उद्देश्य उनके जीवन में शांति, सकारात्मकता और भक्ति का संचार करना है। इस दौरान भजनों पर आश्रम में रह रहे लोग झूमते और आनंदित होते नजर आए।
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