बड़ी बाजार स्थित श्री शीतला माता एवं सती माता मंदिर के निर्माण एवं जीर्णोद्धार कार्य पर रोक लगाए जाने के मामले में मंदिर पक्ष ने विरोध जताते हुए प्रशासन से आदेश निरस्त करने की मांग की है। सोमवार को नाटी इमली स्थित भारत मिलाप मैदान के गणेश मंडप में आयोजित प्रेस वार्ता में मंदिर की भूमि से जुड़े राजस्व अभिलेखों का हवाला देते हुए दावा किया गया कि निर्माण कार्य विवादित भूमि पर नहीं, बल्कि भाग संख्या 20/1 पर कराया जा रहा था।
प्रेस वार्ता में सतीश वर्मा ने बताया कि मंदिर की भूमि गाटा संख्या 478, रकबा एक बिस्सा पांच धूर से संबंधित राजस्व अभिलेख उपलब्ध हैं। उनके अनुसार, मंदिर परिसर लंबे समय से पूजा-पाठ, भंडारा, नवरात्रि और सामाजिक कार्यक्रमों का केंद्र रहा है। मंदिर पक्ष का आरोप है कि सदर एसडीएम की ओर से धारा 164/165 के तहत पारित आदेश में तथ्यों और राजस्व अभिलेखों का समुचित परीक्षण नहीं किया गया, जिसके कारण निर्माण कार्य रोक दिया गया।
मंदिर पक्ष ने संबंधित लेखपाल की रिपोर्ट, सीमांकन और नक्शे की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। साथ ही इस्तियाज अहमद की भूमिका पर भी सवाल उठाते हुए पूरे प्रकरण की जांच और आरोप सही पाए जाने पर कानूनी कार्रवाई की मांग की गई। हालांकि, इन आरोपों पर संबंधित पक्षों का आधिकारिक पक्ष सामने नहीं आया है।
प्रेस वार्ता में मांग की गई कि मंदिर के निर्माण एवं जीर्णोद्धार कार्य को तत्काल दोबारा शुरू कराया जाए और धारा 164/165 के तहत पारित आदेश की समीक्षा कर उसे निरस्त किया जाए। वक्ताओं ने विश्वास जताया कि प्रशासन अभिलेखों और वास्तविक स्थिति की निष्पक्ष जांच कर उचित निर्णय लेगा, जिससे मंदिर की धार्मिक परंपराओं और क्षेत्र के सामाजिक सौहार्द की रक्षा हो सके।


