वाराणसी। धनतेरस के पावन अवसर पर काशी में मां अन्नपूर्णा के स्वर्णमयी स्वरूप के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। शुक्रवार को मंदिर में मां के दर्शन शुरू होने के बाद भक्तों की लंबी कतारें लगी रहीं। श्रद्धालु आधी रात से ही मंदिर के बाहर पहुंचने लगे थे। शनिवार सुबह मंगला आरती के बाद मंदिर के कपाट खुलते ही भक्तों ने मां के दिव्य स्वरूप का दर्शन किया। पिछले 33 घंटे में करीब 2 लाख श्रद्धालु मां के दर्शन कर चुके हैं।
दर्शन के बाद भक्तों को प्रसाद स्वरूप सिक्के और लावा वितरित किए गए। मान्यता है कि मां अन्नपूर्णा के खजाने का प्रसाद घर में रखने से परिवार में धन-धान्य की कमी नहीं होती। इस वर्ष भी सुबह 4 बजे मां का विशेष श्रृंगार किया गया। विशेष पूजा-अर्चना के बाद मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। भक्तों ने प्रथम तल पर विराजमान मां के दर्शन कर खजाना प्राप्त किया।
मां अन्नपूर्णा के स्वर्णमयी स्वरूप के दर्शन और खजाना प्रसाद वितरण की व्यवस्था 10 नवंबर को अन्नकूट महापर्व की शयन आरती तक जारी रहेगी। अन्नकूट पर काशी विश्वनाथ मंदिर में भगवान शिव को छप्पन भोग अर्पित किया जाएगा। इस दौरान शिव परिवार की चल प्रतिमा का विशेष श्रृंगार होगा और लड्डुओं से निर्मित भव्य शिवालय भी श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रहेगा। मंदिर प्रशासन ने भक्तों से निर्धारित मार्गों का पालन करने और सुरक्षा व्यवस्था में सहयोग करने की अपील की है।

