गंगा नदी को राष्ट्रीय नदी घोषित किए जाने की वर्षगांठ पर महानगर कांग्रेस कमेटी के तत्वावधान में शीतला घाट पर मां गंगा का दुग्धाभिषेक एवं पूजन-अर्चन किया गया। इस दौरान कांग्रेसजनों ने मां गंगा की निर्मलता, स्वच्छता और अविरलता की कामना की।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रदेश प्रमुख सेवादल प्रमोद पाण्डेय ने कहा कि 5 नवंबर 2008 को तत्कालीन प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह की सरकार ने गंगा नदी को राष्ट्रीय नदी घोषित कर देश की सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और ऐतिहासिक विरासत को सम्मान देने का महत्वपूर्ण कार्य किया था। इसी परंपरा के तहत वाराणसी में कांग्रेसजनों द्वारा प्रतिवर्ष शीतला घाट पर मां गंगा का दुग्धाभिषेक कर उनकी निर्मलता और अविरलता की कामना की जाती है।
महानगर कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि मां गंगा केवल एक नदी नहीं, बल्कि करोड़ों भारतीयों की आस्था, संस्कृति और जीवन का आधार हैं। कांग्रेस सरकार ने गंगा नदी को राष्ट्रीय नदी घोषित कर उनके महत्व को राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठित किया। उन्होंने कहा कि मां गंगा की स्वच्छता केवल सरकारी घोषणाओं से नहीं, बल्कि ठोस प्रयासों, जनभागीदारी और सामूहिक जिम्मेदारी से सुनिश्चित होगी। गंगा की अविरल धारा, निर्मल जल और स्वच्छ तट हम सभी की जिम्मेदारी हैं। कांग्रेसजन मां गंगा की गरिमा और पवित्रता के संरक्षण के लिए सदैव प्रतिबद्ध रहेंगे।
कार्यक्रम का संयोजन महानगर महासचिव प्रमोद वर्मा ने किया। इस दौरान सतनाम सिंह, प्रवीण प्रकाश, वकील अंसारी, देवेंद्र सिंह, मनोज द्विवेदी, नरसिंह दास, आकाश त्रिपाठी, सदानंद तिवारी, मो. इस्लाम, विनोद शुक्ला, प्रवीण सिंह, दीपक यादव, शशि सोनकर, गोपाल चौबे, मदन यादव, शकील जादूगर, आशीष, किशन यादव, विकास और रामजी गुप्ता सहित कांग्रेस के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।

