प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मानसरोवर घाट पर गंगा पुष्कर कुंभ के अन्तर्गत आयोजित काशी तेलगू संगमय को वर्चुवली संबोधित किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि काशी मुक्ती व मोक्ष कि नगरी है एक समय था जब तेलगु लोग हजारो किलोमीटर चल कर काशी आते थे अपनी यात्रा में काशी आते हुए काफी परेशानी उठाते थे आधुनिक समय में अब वह परिस्थिती तेजी से बदल रही हैं। आज एक ओर विश्वनाथ धाम का द्विव्य वैभव है. व दूसरी ओर गंगा घाटों की भव्यता है एक ओर काशी की गलीयां दूसरी ओर नई सड़कों का और हाइवे का नेटवर्क भी है आंध्रप्रदेश रके जो लोग पहले काशी आये हैं, काशी के बदलाव को महसूस कर रहे हैं।
काशी तेलगु संगमम के अध्यक्ष राज्य सभा सदस्य, जी बी एल नरसिम्हा राव ने प्रधान मंत्री के हिन्दी सम्बोधन को तेलगु में अनुवाद कर यात्रीयो के समझ प्रस्तुत किया उन्होंने कहा की काशी और तेलगु के सदियों पुराने सम्बन्ध रहे हैं कोई तेलगुभाषी काशी आता है तब काशीवासीयों को लगता है कि उनके परिवार का कोई सदस्य आ गया है काशी के लोग पीढ़ियों से आप सबका स्वागत करते आयें हैं। तेलगु संगमम में गंगा आरती का द्विव्य दृश्य देख कर वहाँ उपस्थित सभी मंत्र मुग्ध हो गये। आरती के समय काशी हिन्दू विश्वविद्यालय की छात्राओं ने आकर्षक भरत नाटयम प्रस्तुत कर लोगों का मन मोह लिया। इस अवसर पर माँ अन्नपूर्णा मंदिर के महन्त शंकरपूरी महाराज समीती के उपाध्यक्ष बी. सुब्रमण्यम सचिव बी. बी. सुन्दर शास्त्री व संयुक्त सचिव टी. गजानन्द जोशी आदि उपस्थित रहे।
