चौकाघाट के संजय नगर कॉलोनी के देवी वाटिका पद्म विभूषण गिरिजा देवी के जीवन काल में उनके नाम पर हो चुकी थी। इसमें उन्होंने अपने कई शिष्यो को गंडा बाँधा था देश के बहुत से कलाकारों को अपने स्नेहिल आमंत्रण से बुलाया था सोमवार शाम उसी वाटिका में चार पीढ़ी के कलाकारों ने अप्पाजी को प्रणामी अर्पित की। अवसर था उनकी 94 वी जयंती पर जलसे का जिसे सोन चिरैया संस्था ने आयोजित किया।
कार्यक्रम का उद्घाटन राज्य मंत्री रविंद्र जयसवाल, राज्य सरकार के विशेष सलाहकार अवनीश अवस्थी, पंडित कामेश्वर नाथ मिश्र, पंडित पूरण महाराज, मालिनी अवस्थी इत्यादि लोगों ने अप्पाजी के चित्र के समक्ष पूजन, पुष्पांजलि और दीप प्रज्वलन से किया। वही गुड़ियों से खासा लगाव रखने वाली अप्पाजी की याद में हुई प्रणामी की शुरुआत छोटी बच्चियों के नृत्य से हुयी। 5 से 11 वर्ष तक की बच्चियों ने नृत्य में गुरु वंदना से जलसे का आगाज किया। कार्यक्रम को अंजाम तक पद्मश्री मालिनी अवस्थी ने पहुंचाया। अप्पाजी की प्रिय ठुमरियो और दादरो से उन्होंने अपनी गुरु मां का स्मरण किया। यह पहला मौका था जब मालिनी अवस्थी के साथ उनकी बेटी भी मंचासीन हुई। इससे पूर्व गिरिजा देवी के गुरु आचार्य श्री चंद्र मिश्र की वंश परंपरा से जुड़ी मीना मिश्रा के निर्देशन में उनके शिष्यों ने समूह गायन किया।
अगली प्रस्तुति में वरिष्ठ कलाकार पंडित पूरण महाराज और उनकी पुत्री अवंतिका महाराज ने मंच संभाला। अप्पाजी के शिष्य रोहित मिश्र ने पहली बार एकल गायन किया। वहीं बनारस घराने के युवा कलाकार विशाल कृष्ण ने कत्थक की मनमोहक प्रस्तुति से कार्यक्रम को आगे बढ़ाया। इस संपूर्ण कार्यक्रम का संचालन सौरव चक्रवर्ती ने किया। इस मौके पर प्रमुख रूप से विधायक डॉक्टर नीलकंठ तिवारी, पद्मश्री प्रोफेसर राजेश्वर आचार्य, पंडित शिवनाथ मिश्रा, धर्मेंद्र सिंह, गंगा सहाय पांडेय, पंडित हरिराम द्विवेदी इत्यादि लोग उपस्थित रहे।

