वाराणसी पहुंचे दिल्ली के सांसद मनोज तिवारी "काशी फिल्म संस्था" के एक कार्यक्रम में शामिल हुए जहां उन्होंने युवा कलाकारों के साथ कुछ वक्त भी गुजारे और अपनी पुरानी यादों को ताजा करते हुए कहा कि कभी हमने भी इन्हीं संस्थाओं के साथ जुड़ कर अपने फिल्मी करियर की शुरुआत की थी। साथ ही उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में विपक्ष पर जमकर निशाना साधा और वही "द केरल स्टोरी" फिल्म को सच्ची घटना पर आधारित फिल्म बताया। "द केरल स्टोरी" फिल्म पर मनोज तिवारी ने कहा कि हम लोग जब सूचना प्रसारण मंत्रालय में मीटिंग करते हैं तो हम किसी को नहीं रोक सकते कि आप इस तरह की फिल्में न बनाओ।
उन्होंने कहा कि हमारा कहना है कि जो भी फिल्म बना रहे हैं अगर उन पर कोई आरोप या विवाद होता है तो उसका जवाब देने के लिए उन्हें तैयार रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि कई ऐसी फिल्में हैं जो एक विशेष जाति और कम्युनिटी को बदनाम करने के लिए बनाई गई। उन फिल्मों पर कोई सवाल नहीं उठाता था। आज जनता चाहे कश्मीर फाइल हो या फिर द केरल स्टोरी उसका स्पोर्ट कर रही है। तो कुछ लोगों को बुरा लग रहा। उन्होंने कहा जो डॉक्यूमेंट्री है पहले से जो वहां के समाज ने देखा है । जिस घटना का FIR थाने में पहले से है। तो उसको बनाने से किसी को रोका नहीं जा सकता। उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि कुछ लोगों को मिर्ची जरूर लग रही है क्योंकि वह चाहते थे कि वह इस तरह का कर्म भी करें और कोई उसका विरोध भी ना करें।मनोज तिवारी ने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश चल रहा है। अभिव्यक्ति की आजादी का मतलब जो मीडिया की आजादी है उसे अभिव्यक्त करने दो। जो सिनेमा की आजादी हैं उसे अभिव्यक्त करने दो। और अगर किसी को लगता है कि यह गलत दिखा दिया तो उनके लिए कोर्ट का दरवाजा खुला है। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों की गलत हरकत को छुपा के रखो यह अब नहीं हो सकता।वहीं केजरीवाल पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि दिल्ली में सब कुछ सही हो जाएगा और जो पत्रकारों को जेल में भेज रहा है उसका अंत निश्चित है। उन्होंने कहा कि अरविंद केजरीवाल की समस्या है कि वह मीडिया को विज्ञापन देते थे तो उन्हें लगता था कि वह मीडिया को खरीद लिए हैं लेकिन उन्हें यह नहीं पता कि मीडिया देश का चौथा स्तंभ है। उन्होंने कहा कि मीडिया जो सच होगा वह दिखाएगी । अरविंद केजरीवाल बहुत जल्द राजनीति पतन के पास पहुंच जाएंगे।
