बच्चों का अपहरण कर बेचने वाले गिरोह का सदस्य पुलिस के हत्थे चढ़ गया। शहर में बच्चा चोर गिरोह सक्रिय है। गिरोह गरीब परिवार के बच्चों का अपहरण कर बेचता है। जितना सुंदर बच्चा उतना अधिक पैसा मिलता है। अब तक शहर में 50 से अधिक बच्चों को चोरी कर बेच चुके हैं। पुलिस की गिरफ्त में आए संतोष ने बताया कि सड़क किनारे झुग्गी-झोपड़ी में रहने वाले परिवारों को निशाना बनाते हैं। रात में परिवार के सोने के बाद बच्चों का अपहरण कर ले जाते हैं। इसके लिए पहले रेकी करते हैं। रेकी के दौरान ही सुंदर बच्चों को चिह्नित कर लेते हैं। जितना सुंदर बच्चे होते हैं, उतनी अधिक कीमत मिलती है।
संतोष ने पुलिस को बताया कि दो साल तक आयु के बच्चों की डिमांड अधिक रहती है। निसंतान दंपती को बिहार, झारखंड और राजस्थान के दलाल खोजते रहते हैं। सर्वाधिक मांग दो साल तक के बच्चों को रहती है। बच्चों की सुंदरता के अनुसार पैसे मिलते हैं।
