मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का सख्त निर्देश है कि किसी भी हाईवे पर वाहन पार्किंग नहीं होगा चाहे वह ट्रक हो या कार। यह निर्देश मुख्यमंत्री ने हाईवे पर हो रही दुर्घटनाओं को ध्यान में रखकर दिया है। उन्होंने यह आदेश जिले के सभी अधिकारियों को जारी किया है। उन्होंने ओवरलोडिंग रोकने की भी बात कही है परंतु वाराणसी में इसका पालन नहीं हो रहा है। जिसके कारण आए दिन दुर्घटनाएं हो रही है जो रुकने का नाम नहीं ले रही है। वाराणसी सीमा में पड़ने वाले नेशनल हाईवे जैसे कछवा रोड, मिर्जामुराद, राजातालाब, मोहनसराय, भदवर से लेकर अमरा अखरी, नूआव से लेकर डाफी, रामनगर तक जगह-जगह होटल, ढाबा व कंपनियों के प्लांट तथा शोरूम के सामने बेतरतीब ढंग से खड़े ट्रकों के चलते आए दिन दुर्घटनाएं हो रही है, जिसके कारण दुपहिया व चार पहिया वाहन सवार ट्रकों से टकराकर हादसे का शिकार हो रहे हैं। बता दें कि रविवार को मिर्जामुराद मे सड़क किनारे खड़े कंटेनर में टकराने के बाद तीन लोगों की दर्दनाक मौत हो गयी थी और 5 लोग बुरी तरह से घायल हो गए थे। इन्हीं सब के कारण आए दिन हाईवे पर दुर्घटनाएं देखने को मिलती रहती है।
सुरक्षा को लेकर जिलाधिकारी हर 15 दिन पर एक बैठक बुलाते हैं। जिलाधिकारी इस पहल से सड़क किनारे खड़े ट्रकों को पेट्रोलिंग टीम पुलिस और यातायात विभाग की मदद से तत्काल हटाने का आदेश देते है। मगर अन्य अधिकारी जिला अधिकारी के दिए हुए आदेश के ऊपर अगर ध्यान देते और अमल करते तो काफी दुर्घटनाओं को रोका जा सकता है। वाराणसी में कई बार शिकायत के बाद भी ट्रैफिक और पुलिस के अधिकारी ध्यान नहीं देते हैं। स्थानीय लोगों ने कहां की जो भी पुलिसकर्मी लगते हैं वह सिर्फ धन उगाही में व्यस्त रहते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि नेशनल हाईवे के किनारे जितने भी ढाबे होटल शोरूम या कंपनियों के गोदाम बने हैं उनके पार्किंग की व्यवस्था नहीं है। सड़क किनारे बने ढाबे के सामने हाईवे की सर्विस रोड और मुख्य सड़क को लोगों ने अवैध रूप से पार्किंग बना रखा है। विरोध करने पर ढाबा संचालक विवाद पर उतारू हो जाते हैं। इनके खिलाफ कार्यवाही हो जाए तो सड़क किनारे खड़े वाहनों से जाम और दुर्घटना को रोका जा सकता है।
