काशी हिंदू विश्वविद्यालय स्थित भोजपुरी अध्ययन केंद्र के राहुल सभागार में एक दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मालवीय जी के प्रतिमा पर माल्यार्पण कुलगीत के साथ हुआ तदोपरांत अतिथियों का स्वागत अंगवस्त्रम और पुष्पगुच्छ देकर किया गया। भोजपुरी अध्ययन केंद्र के समन्वयक श्रीप्रकाश शुक्ला ने कहा भोजपुरी अध्ययन केंद्र के द्वारा आज भक्ति काव्य प्रश्न और प्रासंगिकता पर एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया है।
इस संगोष्ठी में भक्ति काव्य के महत्व के बारे में चर्चा करेंगे भक्ति काव्य का समकालीन जीवन में क्या महत्व है मध्यकाल में कैसी भूमिका निभाई और भक्ति काल की देन क्या रहे है आधुनिक समाज में। इस पर एक वृहद परिचर्चा का आयोजन किया जा रहा है जिसमें वक्ता के रूप में पंजाब विश्वविद्यालय चंडीगढ़ से प्रोफेसर अशोक कुमार सभरवाल उपस्थित है और सहायक प्रोफेसर अनिल कुमार भी मौजूद है। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रुप में प्रोफेसर अशोक कुमार सभरवाल, प्रोफेसर विंदा परांजपे, डॉक्टर विंध्याचल यादव, प्रोफेसर श्री प्रकाश शुक्ल और डॉक्टर अनिल पांडे के साथ ही काफी संख्या में छात्र छात्राएं और शोध छात्र उपस्थित रहे।
