यूजीसी चेयरमैन के पुतला दहन कृत्य से आम जनमानस को हुई परेशानी को देखते हुए विरोध करने वालों के खिलाफ की जा रही कार्रवाई

काशी हिंदू विश्वविद्यालय के मुख्य आरक्षाधिकारी ने बताया कि एन०टी०ए०(राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी) द्वारा पीएचडी एडमिशन की अधिसूचना जारी होने के बाद विश्वविद्यालय के छात्र प्रवेश परीक्षा केवल अंग्रेजी माध्यम से कराए जाने की अधिसूचना के विरुद्ध में विभिन्न स्तरों पर अपना प्रतिवेदन दे रहे थे। इसी क्रम में 10 अगस्त की शाम को छात्रों के एक समूह द्वारा विश्वविद्यालय परिसर के बाहर लंका परिक्षेत्र में राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी का प्रतीकात्मक पुतला दहन किया गया था तथा इस एजेंसी के विरूद्ध में नारेबाजी भी की गई। 


वही सहायक पुलिस आयुक्त, भेलूपुर ने बताया कि 10 अगस्त की शाम को बीएचयू के कुछ छात्रों द्वारा मुख्य गेट मालवीय चौराहा पर विधि विरुद्ध एकत्रित होकर एन०टी०ए० के सभी पीएचडी की प्रवेश परीक्षाओं का अंग्रेजी माध्यम से कराये जाने का विरोध करते हुए यूजीसी के चेयरमैन का पुतला दहन किया गया। छात्रों के इस कृत्य के परिणामस्वरूप, आम जनमानस सहित सर सुन्दरलाल चिकित्सालय में इलाजरत मरीजों एवं उनके परिवारजनों को भी काफी कठिनाईयों का सामना करना पड़ा। उक्त घटनाक्रम के सम्बन्ध में स्थानीय थाना पर अन्तर्गत धारा 341/143 भादवि व 6 यूनाईटेड प्रोविसेंन्स स्पेशल पॉवर एक्ट के अभियोग पंजीकृत कर मामले की अग्रिम वैधानिक कार्यवाही की जा रही है।

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