शारदीय नवरात्रि के सातवें दिन माता कालरात्रि देवी का दर्शन कर भक्त हुए निहाल

आज शारदीय नवरात्रि की सप्तमी है, जब श्रद्धालु देवी कालरात्रि के दर्शन और पूजन के लिए उमड़ पड़े हैं। काशी की कालिका गली में स्थित कालरात्रि देवी का मंदिर आज भक्तों की भीड़ से भरा हुआ है। भोर से ही भक्तों की कतार लगी है, और गली 'जय माता दी' और 'जय कालरात्रि मां' के उद्घोषों से गूंज रही है।

 भव्य श्रृंगार और आरती

मां कालरात्रि का भव्य श्रृंगार अड़हुल, गेंदा और गुलाब के फूलों से किया गया। पंचामृत स्नान के बाद मंगला आरती का आयोजन हुआ। इसके पश्चात भक्तों के लिए मंदिर के पट खोले गए। श्रद्धालुओं ने नारियल और चुनरी का प्रसाद चढ़ाकर माता से सौभाग्य की कामना की।



 मां कालरात्रि का महत्व

मंदिर के महंत ने बताया कि नवरात्रि के सातवें दिन देवी कालरात्रि के दर्शन-पूजन का विशेष महत्व है। देवी का स्वरूप विकराल होते हुए भी अत्यंत शुभ माना जाता है। देवी कालरात्रि अकाल मृत्यु से रक्षा करती हैं और भय-बाधाओं का नाश करती हैं।


 पंडालों में श्रद्धालुओं का उत्साह

शहर के विभिन्न पंडालों में आज से दुर्गा प्रतिमाओं के पट खोले जाएंगे। आज यहां नौ पत्रिका पूजन और प्राण प्रतिष्ठा की प्रक्रिया भी शुरू होगी। मिनी बंगाल के रूप में प्रसिद्ध काशी में बंगाली समुदाय ने भी मां की पूजा का आयोजन शुरू कर दिया है। रंग-बिरंगी रोशनी से सजे पंडालों की आभा अद्भुत है।



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