बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) ने बौद्ध धर्मगुरु परमपावन दलाई लामा को 69 साल बाद एक ऐतिहासिक सम्मान दोबारा प्रदान किया है। उन्हें 1956 में विश्वविद्यालय की ओर से डॉक्टर ऑफ लेटर्स (D.Litt) की उपाधि दी गई थी, लेकिन यह डिग्री समय के साथ कहीं खो गई थी दलाई लामा के 90वें जन्मदिन के खास मौके पर BHU ने इस डिग्री की दूसरी प्रति जारी कर उन्हें सम्मानित किया।
यह डिग्री अब धर्मशाला स्थित संग्रहालय में सुरक्षित रखी जाएगी
कैसे हुआ डिग्री खोने का पता?
पिछले महीने BHU की कुलसचिव डॉ. सुनीता चंद्रा अपने परिवार के साथ धर्मशाला स्थित मैक्लॉडगंज संग्रहालय गई थीं, जहां दलाई लामा को मिले सम्मान प्रदर्शित हैं। वहां उन्हें BHU द्वारा दी गई डिग्री की सिर्फ तस्वीर दिखी, असली डिग्री नहीं थी। पूछताछ करने पर पता चला कि डिग्री वर्षों पहले गुम हो गई थी
फिर हुआ ऐतिहासिक निर्णय
डॉ. सुनीता के पति डॉ. अवधेश कुमार (संयुक्त रजिस्ट्रार, BHU) ने डिग्री की प्रति फिर से देने का प्रस्ताव रखा, जिसे BHU प्रशासन ने तुरंत स्वीकार कर लिया
सम्मानपूर्वक सौंपा गया प्रमाणपत्र
कार्यवाहक कुलपति प्रो. संजय कुमार और डॉ. अवधेश कुमार ने यह डिग्री धर्मशाला में तिब्बती संस्थान के कुलपति प्रो. वांगचुक दोर्जे नेगी को सौंप दी
समर्थकों में खुशी की लहर
इस ऐतिहासिक डिग्री के पुनर्प्रदान से दलाई लामा के अनुयायियों में खुशी की लहर दौड़ गई है। यह कदम भारत और तिब्बत के रिश्तों की गहराई और सांस्कृतिक आदर का प्रतीक माना जा रहा है
