बाल विद्यालय, डोमरी में बच्चों और शिक्षकों ने कजरी के रंगीन प्रस्तुति से संस्कृति को जीवंत किया

बाल विद्यालय माध्यमिक स्कूल, डोमरी मे कजरी प्रतियोगिता का आयोजन बड़े उत्साह और हर्षोल्लास के साथ किया गया। कार्यक्रम में छात्रों ने कजरी गीतों पर नृत्य प्रस्तुत कर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। छात्राओं ने अपने नृत्य में भाव, ताल और गति का बेहतरीन समन्वय दर्शाया, जिससे दर्शक उनकी प्रस्तुति से अभिभूत हो उठे। कुछ अध्यापिकाओं ने स्वयं कजरी गीत गाकर प्रस्तुति में चार चाँद लगा दिए।

विशेष रूप से सोनिया मिश्रा द्वारा प्रस्तुत कजरी अत्यंत बेजोड़ और अविस्मरणीय रही। इसके अलावा, अनीता पाण्डेय, शशि पाण्डेय, श्वेता पाण्डेय एवं रितु दूबे द्वारा तैयार किया गया नृत्य भी दर्शकों के लिए काफी सराहनीय रहा। हारमोनियम पर हरेन्द्र पाण्डेय और तबला पर दीपक मिश्रा ने बेहतरीन संगत दी, जिसने कार्यक्रम की शोभा बढ़ा दी। प्रधानाचार्या नीता त्रिपाठी ने सभी प्रतिभागियों का उत्साहवर्द्धन करते हुए उनकी मेहनत और कला की सराहना की। कार्यक्रम के समापन अवसर पर निदेशक मुकुल पाण्डेय ने कहा कि कजरी भारतीय संस्कृति का अमूल्य हिस्सा है। उन्होंने बताया कि मीरजापुर से लेकर वाराणसी और अन्य स्थानों में यह कला आज भी समय-समय पर गायी जाती है। उन्होंने यह भी कहा कि आधुनिक समय में कई लोग इस सांस्कृतिक कला को भूलते जा रहे हैं, इसलिए इसे जीवित रखने के लिए समय-समय पर मंचन एवं प्रदर्शन होना आवश्यक है। कार्यक्रम में उपस्थित सभी शिक्षक, छात्र और अभिभावक इस सांस्कृतिक आयोजन से बेहद प्रभावित और उत्साहित दिखाई दिए।

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