जंगमबाड़ी क्षेत्र में एक साल से दूषित पेयजल की समस्या बनी हुई है।लोगों का कहना है कि सरकारी नलों से आने वाला पानी कभी काला होता है, तो कभी लाल और पीले रंग का। यह पानी पीने योग्य तो दूर, उपयोग करने लायक भी नहीं है।क्षेत्रीय पार्षद विजय द्विवेदी ने बताया कि मोहल्ले के लोग लगातार जलकल विभाग से शिकायत कर रहे हैं।इसके बावजूद पाइपलाइन का लीकेज अब तक ठीक नहीं किया गया। हालात ऐसे हैं कि लोग मजबूरी में आरओ लगवाने को विवश हैं।लेकिन हर घर के लिए आरओ खरीदना आसान नहीं, और यही वजह है कि सबसे ज़्यादा परेशानी उन परिवारों को हो रही है, जिनकी आर्थिक स्थिति कमज़ोर है।
जलकल विभाग के महाप्रबंधक अनूप सिंह ने माना कि जंगमबाड़ी क्षेत्र की पाइपलाइन बहुत पुरानी हो चुकी है।उन्होंने कहा कि लीकेज पकड़ने के लिए कई स्थानों पर पिट बनाया गया, लेकिन समस्या की जड़ नहीं मिल सकी।इसी कारण अब इस क्षेत्र में सीवर लाइन के साथ-साथ पेयजल पाइपलाइन बदलने का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है।लेकिन स्थानीय लोग सवाल उठा रहे हैं कि आखिर कब तक उन्हें दूषित पानी झेलना पड़ेगा?पानी जैसी मूलभूत सुविधा के लिए जब जनता को वर्षों तक इंतज़ार करना पड़े, तो योजनाओं और दावों की सच्चाई खुद-ब-खुद सामने आ जाती है।
