प्रयागराज में गंगा और यमुना नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ने से हालात बिगड़ गए हैं। बीते दो दिनों में पानी तेजी से बढ़ा और अब खतरे के निशान के करीब पहुंच चुका है। पिछले एक महीने में यह चौथी बार है जब शहर में बाढ़ आई है अब तक 10,000 से अधिक घरों में पानी घुस चुका है। राजापुर, बेली गांव, गोविंदपुर, कैलाशपुरी, छोटा-बड़ा बघाड़ा, दारागंज, नागौर और सुखी जैसे इलाकों में गलियां पानी और कीचड़ से भर गई हैं। आवागमन बाधित है और कई जगहों पर बिजली आपूर्ति भी ठप हो गई है।
सबसे ज्यादा मुश्किल प्रतियोगी छात्रों को हो रही है, जो किराये के कमरों में रहकर पढ़ाई करते हैं। कई के कमरों में पानी भर जाने से वे अंदर ही फंसे हैं, जबकि कई को शहर छोड़ना पड़ रहा है। न रहने की जगह है, न सही ढंग से खाने-पीने की सुविधा। छात्रों का कहना है कि प्रशासन की ओर से कोई मदद नहीं मिल रही स्थानीय दुकानदारों को भी भारी नुकसान झेलना पड़ रहा है। बार-बार बाढ़ आने से हर बार सामान हटाना पड़ता है और ग्राहक भी नहीं आ रहे।लोगों का कहना है कि लगातार आने वाली बाढ़ ने जीवन को बेहद कठिन बना दिया है। वे सरकार से राहत और स्थायी समाधान की मांग कर रहे हैं।
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