मिर्जापुर में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी का भंडाफोड़, दो गिरफ्तार; 1,318 अभ्यर्थियों के डेटा से बना रहे थे फर्जी सूचियां

मिर्जापुर पुलिस ने नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले गैंग का पर्दाफाश किया है। कोतवाली कटरा पुलिस ने गिरोह के दो सदस्यों अश्वनी कुमार और दीपचंद्र कश्यप को गिरफ्तार किया। इनके पास से 39,900 रुपये नकद और चार मोबाइल फोन बरामद किए गए।यह मामला 23 अगस्त को सामने आया, जब आवास विकास कॉलोनी निवासी रोहन मिश्र ने शिकायत दर्ज कराई कि उनकी पत्नी से शिक्षा विभाग में संविदा नियुक्ति के नाम पर पैसे मांगे जा रहे हैं।


वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सोमेन बर्मा के निर्देश पर बनी टीम ने 26 अगस्त को कार्रवाई कर दोनों आरोपियों को पकड़ लिया।पूछताछ में पता चला कि गिरोह कर्मयोगी पोर्टल से अभ्यर्थियों का डेटा जुटाकर संविदा भर्ती की फर्जी सूचियां तैयार करता था। उन्होंने तीन सूचियां बनाई थीं, जिनमें 1318 अभ्यर्थियों के नाम थे। गैंग का लक्ष्य करीब एक करोड़ रुपये की ठगी करना था।गिरोह का मुख्य सरगना लखनऊ के गोमतीनगर में फर्जी कंपनी से यह नेटवर्क चला रहा है। पुलिस फरार आरोपियों की तलाश कर रही है, जबकि पकड़े गए दोनों को जेल भेज दिया गया है।

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