वाराणसी में हरतालीका तीज के अवसर पर माता मंगलागौरी के भव्य दर्शन और पूजन का आयोजन पूरे उत्साह के साथ किया गया। सुबह से ही महिलाएं निर्जल व्रत रखकर मंदिर पहुंचीं और कतारबद्ध होकर जय-जयकार के बीच माताजी का विधिपूर्वक पूजन किया। मंदिर प्रांगण को 16 श्रृंगार के सामान, विभिन्न प्रकार के भोग, रंग-बिरंगी अलौकिक झाकियों और फूलों से सजा कर अत्यंत आकर्षक रूप में प्रस्तुत किया गया।
मंदिर के पुजारी नारायण गुरु ने इस अवसर पर पूजा विधि, महत्व और व्रत रखने की परंपरा के बारे में विस्तार से समझाया। उन्होंने बताया कि महिलाएं यह व्रत अपने सुहाग की लंबी उम्र, संतान सुख, परिवार में सुख-शांति और समृद्धि की कामना के लिए रखती हैं। इस दौरान महिलाएं भक्ति और श्रद्धा के साथ माताजी के सामने प्रार्थना करती रहीं, गीत और भजन गाकर माहौल को और भक्तिमय बना रही थीं। स्थानीय प्रशासन और मंदिर समिति ने मंदिर परिसर में व्यवस्था बनाई थी ताकि श्रद्धालु सुरक्षित और सुव्यवस्थित रूप से पूजा कर सकें। पूरे क्षेत्र में तीज का उत्सव हर्षोल्लास और धार्मिक भावनाओं के साथ मनाया गया। विशेष रूप से, इस अवसर पर माताजी की अलौकिक झाकियां और सजावट देखने लायक थी, जिसे देखकर आए श्रद्धालु मंत्रमुग्ध हो गए। महिलाओं ने इसे अपनी परंपरा और संस्कृति का महत्वपूर्ण हिस्सा बताते हुए बड़ी श्रद्धा के साथ भाग लिया।
