विदेशों में नौकरी दिलाने के नाम पर चल रही फर्जी कंपनी और उसके दो कॉल सेंटरों को सीज़ कर दिया गया है। इस अंतर्राज्जीय गैंग के सात सदस्यों को वाराणसी साइबर सेल और थाना चौक की संयुक्त टीम ने गिरफ्तार किया है।मोतीझील महमूरगंज और माधोपुर सिगरा इलाके में किराए के मकानों से फर्जी कॉल सेंटर चलाया जा रहा था। यहाँ से लोगों को गल्फ कंट्रीज, इज़राइल, ओमान, कंबोडिया और साउथ अफ्रीका में नौकरी दिलाने का लालच देकर ठगी की जा रही थी। गैंग वीज़ा, पासपोर्ट, मेडिकल और फ्लाइट टिकट के नाम पर मोटी रकम वसूलता था और पीड़ितों को फर्जी ऑफर लेटर, वीज़ा और टिकट देकर धोखा देता था। जब लोग एयरपोर्ट पहुंचते थे तो उन्हें पता चलता था कि उनकी कोई फ्लाइट ही नहीं है।
पुलिस ने मौके से एक लैपटॉप, नौ मोबाइल, दो आधार कार्ड, पैन कार्ड, चार पासबुक, आठ डेबिट कार्ड, पासपोर्ट, दो वीज़ा, फर्जी ऑफर लेटर, विज्ञापन पंपलेट और कई अन्य दस्तावेज़ बरामद किए हैं। NCCRP पर पूरे भारत से इस गैंग के खिलाफ छह शिकायतें दर्ज हैं, जिनमें लगभग ढाई लाख रुपये की ठगी की पुष्टि हुई है।गिरफ्तार आरोपियों में वाराणसी के राकेश यादव, मोहम्मद असलम, राहुल गुप्ता, अमित यादव, प्रियांशु प्रजापति और दो महिला सदस्य शामिल हैं। इनके एजेंट कोलकाता, दिल्ली और मुंबई तक फैले हुए हैं।वाराणसी पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल के निर्देशन और वरिष्ठ अधिकारियों के पर्यवेक्षण में यह कार्रवाई की गई। पुलिस का कहना है कि ऐसे अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
