वाराणसी के डोमरी, प्रहलादघाट स्थित बाल विद्यालय माध्यमिक स्कूल में एक विशेष अवसर मनाया गया। विद्यालय की प्रबन्धक डॉ. जयशीला पाण्डेय का 86वां जन्म दिवस पूरे हर्ष और उल्लास के साथ विद्यालय के समस्त अध्यापक और अध्यापिकाओं द्वारा मनाया गया।डॉ. जयशीला पाण्डेय ने अपने जीवन के स्वर्णिम 40 वर्ष शिक्षा जगत को सहजता और निष्ठा के साथ समर्पित किए। वे सेंट्रल हिन्दू गर्ल्स स्कूल की प्रधानाचार्या रहीं और अपने कार्यकाल में बाल विश्वविद्यालय नामक संस्था की स्थापना की। आज यही संस्था प्रहलादघाट और डोमरी दोनों स्थानों पर शिक्षा का प्रकाश फैला रही है।
आपके ही पुण्य प्रताप से आपके पिता आचार्य सीताराम चतुर्वेदी के नाम पर डिग्री कॉलेज की स्थापना भी संभव हो पाई। शिक्षा के क्षेत्र में आपके असाधारण योगदान के बावजूद, आपने कभी शासन द्वारा दिए जाने वाले शैक्षणिक विशेष पुरस्कार के लिए स्वयं को नामित नहीं कराया। यह आपके विनम्र और त्यागमयी व्यक्तित्व का परिचायक है।डॉ. पाण्डेय न केवल शिक्षा जगत की एक सशक्त हस्ती रही हैं, बल्कि साहित्य और रंगमंच से भी उनका गहरा जुड़ाव रहा। आपने बीसों नाटकों की रचना की और उनका सफल मंचन भी किया, जिससे वाराणसी की सांस्कृतिक धारा को नई ऊर्जा मिली।आज का यह जन्मदिवस समारोह केवल एक व्यक्तिगत उत्सव नहीं, बल्कि शिक्षा, संस्कृति और समर्पण की उस परंपरा का सम्मान है, जिसे डॉ. जयशीला पाण्डेय ने अपने जीवन के हर पल में जिया है।
