प्रयागराज को पहली बार महिला कमिश्नर मिली हैं। 2008 बैच की IAS अधिकारी सौम्या श्रीवास्तव ने बुधवार को कार्यभार संभाला। 1927 से अब तक प्रयागराज में किसी महिला अफसर ने कमिश्नर की कुर्सी पर बैठकर जिम्मेदारी नहीं निभाई थी। सर्किट हाउस पहुंचने पर उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया।माघ मेले पर होगा फोकसदैनिक भास्कर से बातचीत में सौम्या श्रीवास्तव ने कहा कि उनकी पहली प्राथमिकता माघ मेले में आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं देना होगी। उन्होंने कहा कि हर बार से बेहतर व्यवस्था और साफ-सुथरा वातावरण बनाने की कोशिश की जाएगी। शहर की समस्याओं पर रणनीतिउन्होंने बताया कि प्रयागराज की प्रमुख समस्याओं जैसे ट्रैफिक जाम, सफाई और जलजमाव को दूर करने पर काम किया जाएगा। लक्ष्य यही है कि शहर की जनता को किसी परेशानी का सामना न करना पड़े।महिलाओं और युवाओं के लिए संदेशपहली महिला कमिश्नर बनने पर उन्होंने कहा कि पुरुष और महिला में कोई फर्क नहीं है। महिलाएं हर जिम्मेदारी निभाने में सक्षम हैं।
प्रशासनिक सेवा में आने का सपना देख रहे युवाओं और खासकर लड़कियों के लिए उनका संदेश है—“पूरी मेहनत और आत्मविश्वास के साथ पढ़ाई करें, सफलता जरूर मिलेगी।” कौन हैं सौम्या श्रीवास्तवदिल्ली की रहने वाली सौम्या ने लखनऊ के सेंट मैरी कान्वेंट से पढ़ाई की। दिल्ली विश्वविद्यालय से इंजीनियरिंग करने के बाद उन्होंने पुणे और लंदन की प्राइवेट कंपनियों में नौकरी की। साल 2006 में नौकरी छोड़कर UPSC की तैयारी शुरू की और पहले ही प्रयास में 24वीं रैंक लाकर IAS बनीं।अब तक वे महाराजगंज, बस्ती, उन्नाव और बलिया की जिलाधिकारी रह चुकी हैं। बरेली की कमिश्नर बनने के बाद अब उन्हें प्रयागराज का कमिश्नर बनाया गया है।
