समाजवादी पार्टी के सांसद वीरेन्द्र सिंह ने गरीबों और भूमिहीन परिवारों के हित में बड़ा बयान देते हुए मांग की है कि सरकार शीघ्र ही गरीबों को घरौनी उपलब्ध कराए। उन्होंने कहा कि इससे गरीब समाज विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया के दौरान अपनी नागरिकता साबित कर सकेगा।सांसद के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने आयुक्त, वाराणसी मंडल से मुलाकात की। इस दौरान सांसद ने कहा कि वाराणसी जिले में ऐसे गरीब परिवार, जो पीढ़ियों से सरकारी भूमि पर मकान बनाकर रह रहे हैं, उन्हें मालिकाना हक और घरौनी दी जा रही है। यदि यह व्यवस्था सही है तो सरकार को चाहिए कि मंडल के सभी जिलों में भी इस नीति को लागू करने का तत्काल आदेश जारी करे।उन्होंने कहा कि वर्तमान में चुनाव आयोग द्वारा SIR के तहत मतदाता सूची का पुनरीक्षण किया जा रहा है। ऐसे में गरीब एवं भूमिहीन नागरिकों के लिए अपनी नागरिकता साबित करना कठिन होगा। घरौनी मिल जाने पर यह उनके लिए वैध प्रमाण बनेगा और वे अपने संवैधानिक मताधिकार से वंचित नहीं होंगे।
उन्होंने भाजपा और आरएसएस पर निशाना साधते हुए कहा कि यह सोची-समझी रणनीति है, लेकिन समाजवादी विचारधारा के जनप्रतिनिधि राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के नेतृत्व में किसी भी कीमत पर इस साजिश को सफल नहीं होने देंगे और गरीबों व वंचित वर्ग के अधिकारों की रक्षा हेतु हर स्तर पर संघर्ष करेंगे।सांसद वीरेन्द्र सिंह ने चेतावनी दी कि यदि सरकार गरीबों को घरौनी देने की प्रक्रिया शीघ्र प्रारम्भ नहीं करती, और SIR से पूर्व गरीबों को वैध मालिकाना हक का प्रमाण उपलब्ध नहीं कराती, तो समाजवादी पार्टी के जनप्रतिनिधि मजबूर होकर चुनाव आयोग की इस प्रक्रिया का विरोध और बहिष्कार करने को बाध्य होंगे।
