संकट मोचन मंदिर के पीछे स्थित डी-पल्स हॉस्पिटल में इलाज के दौरान लहरतारा निवासी सत्य प्रकाश राम (40 वर्ष) की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद हंगामा मच गया। परिजनों ने अस्पताल के डॉक्टरों पर घोर लापरवाही के साथ-साथ हत्या का आरोप लगाया है।परिजनों के अनुसार, सत्य प्रकाश राम को कुछ दिनों से पथरी की समस्या थी।
प्रोफेसर डॉ. शशि प्रकाश (एनेस्थीसिया, बीएचयू) के कहने पर उन्हें डी-पल्स हॉस्पिटल लाया गया, जहां सर्जरी के दौरान उनकी हालतअचानक बिगड़ गई। आरोप है कि डॉ. एस.बी. यादव, डॉ. शशि प्रकाश और हॉस्पिटल मैनेजर ध्रुव सिंह भदौरिया ने बिना पर्याप्त इंतज़ाम और सावधानी के ऑपरेशन किया।मृतक के भतीजे कार्तिक के मुताबिक, “सिर्फ 15 मिनट के अंदर चाचा की हालत गंभीर हो गई।इसके बाद उन्हें चितईपुर स्थित स्टार हॉस्पिटल रेफर कर दिया गया, लेकिन रेफर से जुड़ा कोई भी पेपर नहीं दिया।
जब हम स्टार हॉस्पिटल पहुंचे, जबरदस्ती इलाज शुरू किया गया जबकि चाचा की मौत डी-पल्स हॉस्पिटल में ही हो चुकी थी। इसके तुरंत बाद डी-पल्स हॉस्पिटल का पूरा स्टाफ ताला लगाकर फरार हो गया।”परिजनों ने यह भी सवाल उठाया कि बीएचयू के प्रोफेसर होने के बावजूद डॉ. शशि प्रकाश किसी निजी अस्पताल में प्रैक्टिस कैसे कर सकते हैं।गौरतलब है कि मृतक सत्य प्रकाश राम बसपा के पदाधिकारी रह चुके थे, साथ ही अजगरा विधानसभा से आम आदमी पार्टी के प्रत्याशी भी रह चुके थे और वर्तमान में प्रदेश उपाध्यक्ष के पद पर कार्यरत थे।परिजनों ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच, दोषियों पर कठोर कार्रवाई और न्याय की गुहार लगाई है। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।
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