उत्तर प्रदेश में ठंड ने अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है। सुबह और रात की ठिठुरन के बीच दिन की धूप भी कमजोर पड़ती जा रही है। सर्द हवाओं के कारण बीते 48 घंटों में तापमान करीब 4 डिग्री तक लुढ़क गया है। वहीं उत्तराखंड में आज से बारिश और बर्फबारी का दौर शुरू होने वाला है, जिसका असर मैदानी इलाकों में भी तेजी से दिखाई देगा और शीतलहर चलने की संभावना बढ़ गई है।गुरुवार को कानपुर प्रदेश में सबसे ठंडा रहा, जहां न्यूनतम तापमान 5.7°C दर्ज किया गया। काशी, गाजियाबाद समेत 15 जिलों में घना कोहरा छाया रहा। कानपुर और प्रयागराज में विजिबिलिटी घटकर 400 मीटर तक पहुंच गई, जिससे आम जनजीवन प्रभावित हुआ।
कोहरे और ठंड के कारण सुबह सड़कों पर लोगों की आवाजाही कम रही। मॉर्निंग वॉक पर निकलने वाले लोग जैकेट और टोपी पहनकर निकले। दफ्तर जाने वाले लोग और स्कूल जा रहे बच्चे भी गर्म कपड़ों में नजर आए। कई जगह चाय की दुकानों पर अलाव तापते लोगों की भीड़ देखी गई।IMD लखनऊ के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के मुताबिक आने वाले दिनों में ठंड और बढ़ेगी, वहीं दिसंबर के अंत तक पाला पड़ने की आशंका है। कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डॉ. के.एस. यादव ने बताया कि दिसंबर के अंतिम सप्ताह और फरवरी की शुरुआत में पाला सबसे ज्यादा पड़ता है। तापमान के अत्यधिक गिरने पर ओस की बूंदें और पौधों में मौजूद पानी बर्फ में बदल जाता है, जिससे फसलों को नुकसान पहुंचता है।वैज्ञानिकों ने किसानों को सलाह दी है कि पाला से बचाव के लिए फसलों में स्प्रिंकलर या पाइप द्वारा सिंचाई करें। इससे खेत का तापमान बढ़ जाता है और पाला का असर कम होता है। यह तरीका खास तौर पर सब्जियों, छोटे पौधों, चना और मसूर की फसल को नुकसान से बचाने में मददगार होता है। मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में तापमान और गिर सकता है, जिससे ठंड का असर और तेज होगा।

